ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मध्यप्रदेश

पुलिस की विभागीय साक्ष्य बिल्कुल भी विश्वास योग्य नहीं

जबलपुर। एनडपीएस के विशेष न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह की अदालत ने अपनी महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि एनडीपीएस के मामलों में यदि स्वतंत्र साक्षियाें द्वारा अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया जाता तो उससे काेई विशेष फर्क नहीं पड़ता बशर्ते पुलिस की विभागीय साक्ष्य विश्वसनीय पाई गई हो। विचाराधीन मामले में पुलिस के जब्तीकर्ता अधिकारी की साक्ष्य बिल्कुल भी विश्वास के योग्य नहीं पाई गई। लिहाजा, आरोपित शिव उर्फ शिब्बू चौधरी को दोषमुक्त किया जाता है। आरोपित की ओर से अधिवक्ता संदीप जैन ने पक्ष रखा।

पुलिस ने झूठी कहानी गढ़कर फंसाया

दलील दी कि बड़ा पत्थर, रांझी, जबलपुर निवासी शिव उर्फ शिब्बू चौधरी को पुलिस ने झूठी कहानी गढ़कर फंसाया है। इसकी तस्दीक इस मामले में पुलिस की समूची कार्रवाई के दूषित होने से हो गई है। यहां तक कि पुलिस की विभागीय साक्ष्य तक विश्वसनीय नहीं पाए गए हों। इससे साफ है कि प्रकरण बनाते समय सिर्फ बेगुनाह को अभियुक्त बनाने की मंशा थी। लेकिन अदालत में उसे दोषी निरूपित करने का आधार नदारद है। इसलिए दोषमुक्त किया जाना चाहिए। एनडीपीएस कोर्ट ने तर्कों से सहमत होकर आरोपित के पक्ष में फैसला सुना दिया।

Related Articles

Back to top button