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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार होने के आसार

भोपाल। विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र मंगलवार से प्रारंभ होगा। यह 15वीं विधानसभा का अंतिम सत्र होगा। इसके हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि कांग्रेस प्रदेश में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार, महाकाल लोक में मूर्तियों के गिरने और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

वहीं, सरकार ने भी पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार करने की तैयारी की है। सत्र के दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्तमान वित्तीय वर्ष का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। हुक्का बार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए भी संशोधन विधेयक प्रस्तुत होगा।

मानसून सत्र के लिए विधायकों ने सरकार से 1642 प्रश्न पूछे हैं। 22 स्थगन, 185 ध्यानाकर्षण और 23 शून्यकाल की सूचनाएं दी गई हैं। प्रथम अनुपूरक बजट 12 जुलाई को प्रस्तुत किया जाएगा।

हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार व वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन संशोधन, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन और मध्य प्रदेश निवेश संवर्धन संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे।

पहली बार शनिवार को भी होगी बैठक

विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पहली बार शनिवार को भी बैठक होगी। सामान्यत: शनिवार और रविवार को बैठकें नहीं होती हैं। विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। इसके लिए जो प्रक्रिया बनी हुई हैं, उनका पालन होना चाहिए। सदन का उपयोग बाहर के मंच की तरह नहीं होना चाहिए। सत्ता में रहते जो काम बुरा लगता है, वह विपक्ष में रहते हुए नहीं करना चाहिए। सभी विधायकों से यही आग्रह रहेगा कि वे जब यहां से जाएं तो यह भाव लेकर जाएं कि अपना सौ प्रतिशत देकर आए हैं।

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