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मध्यप्रदेश

जेल के बैरक का फोटो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप सुरक्षा पर उठे सवाल

जबलपुर। सुरक्षित माने जाने वाले केंद्रीय कारागार के बैरक में बैठे बंदियों की फोटो वायरल हो रही है। जिसमें दो आपराधी गुफ्तगूं करते दिख रहे है। वहीं फोटो में कैपशन लिखा है कि तुम समझो हम क्या हैं। इस फोटो को इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल किया जा रहा है। आपराधी जेल के भीतर से फोटो खींचकर उसे अपने करीबियों और आपराधियों के बीच भेज रहे हैं ताकि उनका दबदबा बना रहे हैं। इधर बैरक की फोटो बाहर आने से जेल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

कैसे पहुंचा मोबाइल

जेल के भीतर से फोटो किस तरह बाहर आया और क्या ये मोबाइल से लिया गया चित्र है? जिसका अर्थ है कि जेल के भीतर मोबाइल का उपयोग भी आपराधियों के बीच हो रहा है। इस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि सभी सवालों पर जेल प्रबंधन का कहना है कि जांच हो रही है। उन्होंने फोटो छह माह से अधिक पुराना बताया है।

क्या है मामला

इंटरनेट मीडिया में वायरल फोटो को बदमाशों ने नाम देकर जेल प्रशासन और जिला पुलिस को खुली चुनौती दी है। फोटो में तुम समझों हम क्या है स्लोगन लिखकर तेजी से वायरल किया जा रहा है। संभवना जताई जा रही हैं कि वायरल फोटो में दिख रहे बदमाश विरोध गैंग को चेता रहे है कि जेल के अंदर भी हमारा जलवा कायम हैं। फोटो में नजर आ रहे शक्स में लकी ठाकुर और आयुष है। दोनों पर आपरधिक मामले दर्ज है। बता दें कि ये दोनों ही जमानत पर जेल से बाहर है। फोटो में दिख रहा बंदी कंजड़ मोहल्ला बेलबाग निवासी लक्की ठाकुर है। लक्की अवैध शराब के कारोबार के चलते कई बार जेल जा चुका है। इतना ही नहीं लक्की दिवगंत गैंगस्टर विजय यादव के भाई सतीश यादव गैंग का सक्रिय सदस्य है। जिसके खिलाफ आबकारी, आर्म्स एक्ट समेत कई अपराध विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज है।

गैंगवार की संभावना

जेल सूत्रों की माने तो दो गुटों के बीच गैंगवार की संभावना को लेकर, फोटो को भी इंटरनेट मीडिया में इसी उद्देश्य को लेकर वायरल किया जा रहा है ताकि विरोधियों को अपना दबदबा बताकर दहशत कायम की जा सके।

जेल प्रबंधन का दावा

जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने कहा कि फोटो जेल की है लेकिन मोबाइल से नहीं खींची गई है। उन्होंने कहा कि फोटो में नजर आ रहे आपराधी करीब एक माह पहले ही जमानत पर जा चुके हैं। संभव है कि जेल के भीतर कई सांस्कृति और धार्मिक आयोजन के वक्त कैमरे से फोटो ली जाती है उसी वक्त यह फोटो ली गई हो। उन्होंने कहा कि फिर भी हम इसकी जांच करवा रहे हैं कि फोटो किस बैरक और कैसे ली गई है।

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