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बोरवेल में फंसी बच्ची का रेस्क्यू तीसरे दिन जारी एनडीआरएफ एसडीआरएफ आर्मी के बाद विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई जानिए अब तक का घटनाक्रम

सीहोर। जिले के मुंगावली गांव में मंगलवार दोपहर को बोरवेल में गिरी ढाई वर्षीय बच्‍ची सृष्‍टि कुशवाह के रेस्‍क्‍यू में अब तक बचाव दल को सफलता नहीं मिल पाई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी के बाद दिल्‍ली व गुजरात से विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया है। बच्‍ची को बोरवेल में गिरे करीब 45 घंटे से ज्‍यादा हो गए हैं। इस दौरान पथरीली जमीन ने रेस्‍क्‍यू टीम की मुश्‍किलें और बढ़ा दीं। हालांकि आर्मी के जवानों के पहुंचने के बाद एक बार ऐसा भी मौका आया, जब बच्‍ची को राड व हुक के सहारे तकरीबन बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन वह ऊपर तक आते-आते पुन: फिसल गई और करीब 150 फीट नीचे जाकर फंस गई।

इन 45 घंटों के दौरान कुछ ऐसा रहा घटनाक्रम

– मंगलवार दोपहर 1.15 बजे सृष्टि बोरवले में गिरी

-2 बजे एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची

-3 बजे जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे

-4 बजे चार पोकलेन और चार बुलडोजर मशीन में पहुंची और खोदना शुरू किया, तभी भोपाल की एनडीआरएफ की टीम पहुंची।

-5 बजे तक 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद चट्टानों की वजह से खोदाई कर रही टीम की मुश्‍किलें बढ़ गईं

बुधवार सुबह 9 बजे तक गड्ढा 32 फीट खोदा गया

– खोदाई के चलते कंपनन की वजह से मासूम बच्ची 25 से 50 फीट खिसककर नीचे पहुंची।

– 10 बजे मासूम करीब 100 फीट तक खिसककर पहुंची।

– 11 बजे तक ईएमई बैरागढ़ के 20 जवानों का दस्ता पहुंचा

– 12 बजे प्लान तैयार कर संसाधन जुटाने के बाद रेस्क्यू शुरू किया

– 1 बजे विशेष तकनीक से बोरवेल में रात डालना शुरू किया।

– 2 बजे रॉड में लगाए गए हुक में फस गई, जिसे निकलना शुरू किया।

– 3.45 बजे मासूम 90 फीट ऊपर तक आ चुकी थी और 10 फीट निकलना शेष थी कि हुक से वह छूटकर वापस चली गई।

– 4.30 बजे मासूम 150 फीट की गहराई पर पहुंच चुकी थी

– शाम 6 बजे तक सेना के जवान, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने हाथ खड़े कर लिए।

– शाम 7 बजे जिला प्रशासन ने दिल्ली, जोधपुर और गुजरात के विशेषज्ञ दल को बुलाया

– 8 बजे तक मौके पर मौजूद 12 पोकलेन वह बुलडोजर मशीनों से गड्ढा खोदने का कार्य जारी रहा

– सुबह 9 बजे गुरुवार की सुबह तक 42 फीट गड्ढा खोदा जा चुका था।

– 9 बजे गुजरात की स्पेशल रोबोटिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू शुरू कर दिया।

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