ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मध्यप्रदेश

हाई कोर्ट ने ओवरटाइम के लिए दोगुना मेहनताना सुनिश्चित करने दिए निर्देश

जबलपुर। हाई कोर्ट ने ओवर टाईम की दर कम किए जाने को अनुचित करार दिया। इसी के साथ समुचित दर निर्धारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही याचिका निराकृत कर दी। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने मप्र दुकान एव प्रतिष्ठान अधिनियम की धारा 55 का हवाला देते हुए अपने आदेश में कहा है कि आवश्यकता के अनुसार कर्मचारी ओवर टाइम करता है तो वह दुगने मेहनताने का हकदार है।

इसलिए दायर की गई थी याचिकाः

मप्र राज्य कर्मचारी उपभोक्ता कर्मचारी संघ की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि मप्र राज्य कर्मचारी उपभोक्ता संघ के अंतर्गत सहकारी समितियों समाहित है। जिसका कार्य उपभोक्ताओं को उचित दर में निर्धारित वस्तु का विक्रय करना है। संघ की सम्पत्ति में सहकारी समितियों के कर्मचारी का अंश भी है। संघ के एमडी व बोर्ड आफ डायरेक्टर ने आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए ओवरटाइम की दर दुगनी से घटाकर सामान्य कर दी है, जो नियम के प्रतिकूल है। मनमाने तरीके से उक्त निर्णय लिया गया है। एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार करते हुए मनमाने आदेश को निरस्त कर दिया। इससे पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली।

Related Articles

Back to top button