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मध्यप्रदेश

एमपी स्टेट बार कौंसिल की तर्ज पर हाईकोर्ट व जिला बार की कार्य संस्कृति भी होगी पेपरलेस

जबलपुर। एमपी स्टेट बार कौंसिल की कार्य संस्कृति पेपरलेस होगी। इस घोषणा से प्रभावित होकर हाइकोर्ट व जिला बार भी अपनी कार्य संस्कृति को पेपरलेस बनाने संकल्पित हुए हैं। यह जानकारी हाई कोर्ट बार अध्यक्ष संजय वर्मा व जिला बार सचिव राजेश तिवारी ने दी। उल्लेखनीय है कि स्टेट बार कार्यकारिणी समिति की बैठक में अन्य प्रस्तावों के साथ यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुआ। कार्यकारी सचिव गीता शुक्ला के अनुसार स्टेट बार चेयरमैन प्रेम सिंह भदौरिया, वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी, को-चेयरमैन व मानद सचिव राधेलाल गुप्ता व कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।

कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष दिनेश नारायण पाठक, सदस्य डा.विजय कुमार चौधरी, राजेेश व्यास, राजेश पांडे, शिवेंद्र उपाध्याय व शैलेंद्र वर्मा ने अपने विचार रखे। वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने साफ किया कि नामांकन, रिकार्ड मेंटेन, अनुशासन प्रकरण सहित अन्य तमाम जानकारियां डिजिटाइज की जाएंगी। इस तरह समस्त कार्यप्रणाली को पैपरलेस बनाने की दिशा में गतिमान किया जाएगा। इससे कागज की बर्बादी रुकेगी। डिजिटल तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेकर इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। स्टेट बार सहित अन्य बार अपनी पत्रिकाओं को भी अपलोड करेंगे। इससे कागज बचेगा। यह अच्छा संकेत है। हाई कोर्ट ने भी कागज का उपयोग कम कर दिया है। सारे दस्तावेज डिजिटाइज कर दिए गए हैं।

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