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हाईकोर्ट ने कहा- अधिकतर साइबर अपराधी भारत से, देश का कर रहे हैं नाम खराब।

बीमा के नाम पर आईटीबीपी के जवान को चूना लगाने के मामले में अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकतर साइबर अपराधी भारत से काम कर रहे हैं और देश का नाम खराब कर रहे हैं। यह बुजुर्गों व मासूमों को निशाना बनाने हैं जो इन्हें अपनी तरह मासूम समझते हैं। ऐसे में इन आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया का सकता। याचिका दाखिल करते हुए कुरुक्षेत्र निवासी मोहमम्द जुबैर ने हाईकोर्ट को बताया कि 3 मार्च 2022 को उसके खिलाफ धोखाधड़ी व विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। याची की दलील थी कि उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है और वह तो एक कंपनी के लिए काम करता था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि एक कॉल सेंटर चलाकर नामी कंपनियों के नाम पर ठगी की जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि याची के खाते में भी कुछ राशि ट्रांसफर की गई है। इस मामले में शिकायतकर्ता आईटीबीपी का जवान था जिसने आई कॉल के अनुसार करीब 14 लाख रुपये जमा करवाए थे। जब उसे शक हुआ तो उसने इससे जुड़ी शिकायत दी और शिकायत के आधार पर ही यह एफआईआर दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है और ज्यादातर साइबर अपराधी भारत से ही अपराध को अंजाम देते हैं। ऐसा होने से देश की छवि खराब होती है जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। इस मामले में याचिकाकर्ता से हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी एकत्रित की जा सके। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

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