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मध्यप्रदेश

इंदोर में अपर कलेक्टर ने कहा- मुझे धमकी देते हैं, कोर्ट में कपड़े उतरवा देंगे

इंदौर। भूमाफिया चंपू, चिराग और हैप्पी के खिलाफ हाई कोर्ट में चल रही याचिका में गुरुवार को अपर कलेक्टर अभय बेडेकर कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट से कहा कि भूमाफिया सहयोग नहीं कर रहे हैं। बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी वे नहीं आ रहे हैं। इन पर सख्ती जरूरी है। मुझे धमकियां दी जाती हैं कि कोर्ट में आपके कपड़े उतरवा देंगे। नौकरी चली जाएगी। प्रशासन तो खुद भू-माफिया की जमानत निरस्त करने के प्रयास कर रहा है। करीब एक घंटे चली बहस के बाद कोर्ट ने प्रशासन से कहा कि वह 15 मार्च तक रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताए कि किस भू-माफिया के खिलाफ कितने आपराधिक प्रकरण हैं और क्या कार्रवाई की गई। भूमाफिया चंपू अजमेरा, चिराग शाह, हैप्पी धवन पर आरोप है कि उन्होंने कालिंदी गोल्ड, फिनिक्स और सैटेलाइट कालोनी में आमजन को डायरी पर प्लाट बेचे। उन्होंने लोगों से अलाटमेंट लेटर के नाम पर लाखों रुपये ले लिए, लेकिन प्लाट नहीं दिए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को एक कमेटी बनाकर लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एडीएम अभय बेडेकर को तलब किया था। वे गुरुवार को उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि न्यायालय ने आदेश दिया था कि कमेटी बनाकर पीड़ितों का पक्ष समझा जाए। समिति सदस्यों ने जेल में हैप्पी धवन, चंपू अजमेरा से मुलाकात की। इसके बाद समिति ने पीड़ितों को प्लाट पर कब्जे दिलवाने की कार्रवाई भी शुरू की थी। आधे से ज्यादा पीड़ितों को न्याय दिलवाया भी गया। कुछ जगह भूमाफिया ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। इस वजह से समस्या के समाधान में दिक्कत आ रही है। समिति ने पीड़ितों को राशि वापस लेने का विकल्प भी दिया था, लेकिन लोग रकम वापस लेने को तैयार नहीं हैं। कालिंदी गोल्ड की 96, फिनिक्स की 81, सैटेलाइट की 72 इस तरह कुल 255 शिकायतें थीं। इनमें से 133 का निराकरण समिति द्वारा किया जा चुका है। एडीएम ने कहा, कुछ मामलों में किसान आज भी पैसे लेने को तैयार हैं पर भूमाफिया पैसा नहीं दे रहे हैं। किसान को यह पैसा मिल जाए तो कुछ लोगों को और भी प्लाट मिल सकते हैं।

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