ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
मध्यप्रदेश

उज्‍जैन के बड़े गणेश मंदिर में 26 की बजाए, 29 जनवरी को मनेगा गणतंत्र दिवस

उज्जैन। देशभर में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाएगा, लेकिन उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में भारतीय गणतंत्र का उत्सव 29 जनवरी को मनेगा। दरअसल इस मंदिर में राष्ट्रीय पर्व तारीख नहीं बल्कि पंचांग की तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि तारीख के अनुसार तीज, त्यौहार, वर्षगाठ आदि मनाने की परंपरा अंग्रेजी है।पंचांगकर्ता, ज्योतिर्विद पं.आनंदशंकर व्यास ने बताया भारतीय धर्म परंपरा व ज्योतिष विज्ञान में पंचांगीय गणना के अनुसार निर्धारित तिथि के अनुसार पर्व मनाए जाते हैं। 26 जनवरी 1949 को भारत में जब संविधान लागू किया गया अर्थात गणतंत्र की स्थापना हुई, उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। इसलिए बड़े गणेश मंदिर में माघ शुक्ल अष्टमी के दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस बार माघ शुक्ल अष्टमी 29 जनवरी को है। इस दिन परंपरा अनुसार हर्षोल्लास से गणतंत्र दिवस मनेगा। देश की सुख समृद्धि के लिए भगवान बड़े गणेश का महाअभिषेक किया जाएगा। मंदिर के शिखर पर नया ध्वज चढ़ाया जाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

114 साल से राष्ट्र भक्ति का स्पंदन

भगवान बड़े गणेश मंदिर की स्थापना सन 1908 में माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन हुई थी। पं.बाल गंगाधर तिलक के गणेश उत्सव अभियान से प्रेरित होकर पं.नारायण व्यास ने मंदिर की स्थापना की थी। यह मंदिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की आश्रय स्थली रही। सन 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक मंदिर में अखंड यज्ञ किया जाता रहा।

Related Articles

Back to top button