ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
मध्यप्रदेश

खंडवा कोर्ट ने 8 साल पहले हुए दंगे के 40 आरोपियों को सुनाई 7 साल की सज़ा, दो बरी

खंडवा : मध्यप्रदेश के खंडवा में आठ वर्ष पुराने मामले में जिला एवम अपर सत्र न्यायाधीश प्राची पटेल सत्र ने बड़ा फैसला सुनाते दंगों के 40 आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दो आरोपी बरी हुए है। चार नाबालिग आरोपी थे। जिन्हें इस मामले से अलग रखा गया। जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है। खंडवा में 30 जुलाई 2014 को एक सोशल मीडिया एप फेसबुक पर आपत्ति जनक पोस्ट से फैले तनाव के बाद रात करीब 9 बजे कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की गई थी।  पुलिस ने हुड़दंगियों को रोकने के लिए लाठियां भांजी और आंसू गैस छोड़ी थी। तब  तत्कालीन कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने तनाव को देखते हुए गुरुवार को शहर के सभी स्कूल व कॉलेज को बंद रखने के आदेश जारी किए थे।

इस दौरान माता चौक नर्मदापुरम कॉलोनी निवासी सुशील कुमार पुंडगेल को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जिसकी बाद में मौत हो गई। युवक एक इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत था। बताया जाता है कि इमलीपुरा क्षेत्र उसपर चाकू से हमला किया गया था। कुछ स्थानों पर पथराव के बाद ट्रैफिक पुलिस जवान रामदास सेनानी और अहमदपुर खैगांव के ग्रामीण जगदीश पाल के साथ भी मारपीट हुई। घटना के बाद शहर में तनाव बढ़ गया था। शहर के कुछ अन्य स्थानों पर भी मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थी। रात 10 बजे तक बाजार पूरी तरह बंद हो गए थे।

पुलिस डायरी के अनुसार थाना मोघट क्षेत्र के इमलीपुरा में मृतक सुनील कुमार पिता नारायण निवासी नर्मदापुरम की हत्या के उपरांत खंडवा शहर में साम्प्रदायिक तनाव होने वा जगह-जगह पथराव की घटना होने से जिलाधीश खंडवा द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगाई गई थी। आमजन मानष की सुरक्षा एव स्थिती नियंत्रण करने के लिए  जिलाधीश द्वारा शहर खंडवा में कर्फ्यू घोषित किया गया था।

कर्फ्यू के दौरान बांग्लादेश कालोनी में कुछ लोग घरों से बाहर घूम रहे थे। जिन्हें समझाने पर भी कुछ शरारती  लोग लाठी, डंडे लेकर निकले और पुलिस पर निशाना लगाकर पथराव शुरू कर दिया।  इसी समय थाने से टी आई अनिल शर्मा, हमराह बल के रानि विजयसिंग परस्ते, टीकाराम कुर्मी, एसआई गीता जाटव प्रथम प्रथक अपने हमराह बल के साथ आए जिन्हें देखकर शरारती तत्व फिर से पथराव करने लगे। उपद्रवियों में से फारूक निवासी बांग्लादेश ने टीआई अनिल शर्मा को जान से मारने की नियत से एक बड़ा पत्थर फेंक कर मारा जो उनको हेलमेट पर लगा जिससे हेलमेट टूट गया। फारूख पत्थर मारकर भाग गया। इस दौरान ट्रैफिक वाहनों को भी क्षति पहुंची थी। जिसके बाद आवश्यक बल प्रयोग कर घेराबंदी कर 40 व्यक्तियों को पकड़ा गया। उपरोक्त उपद्रवीयों द्वारा कर्फ्यू का उल्लंघन करने से उपस्थित बल की मदद से इन व्यक्तियों को थाने लाये गया था।

आरोपी पक्ष के वकील मुकेश नागोरी ने कहा कि एक हत्याकांड के बाद शहर में कर्फ्यू लगाया गया था। उसी मामले में थाना सिटी कोतवाली के अंतर्गत एक मामला बताया गया था। जिसमें पुलिस बल पर हमला करने की बात कही गई थी। जिस पर से 47 लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया था। जिसमें कुछ बाल न्यायालय के आरोपित है। जिनका मामला अलग हो गया था और न्यायालय में 42 आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध हुआ था।  जिसमें से आज न्यायालय द्वारा धारा 307, 147, 148, 353, 330 और अन्य धाराओं में 7 साल की सजा सुनाई है और जुर्माना भी हुआ है। आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि फैसले से सभी असंतुष्ट है और उच्चन्यायालय में अपील करेंगे।

Related Articles

Back to top button