ब्रेकिंग
मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख
उत्तरप्रदेश

नवंबर के अंतिम सप्ताह में 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा न्यूनतम तापमान

कानपुर: सुबह शाम पड़ रही ठंड ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कियाआने वाले दिनों में ठंड का कहर और बढ़ेगा। इस बार गर्मी-बारिश की तरह ठंड भी नए रिकॉर्ड बना सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार सर्दी दो-तीन महीने पड़ेगी। नवंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड अपना असर दिखाने लगेगी। इस बार नवंबर के अंतिम दिनों में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की बात कहीं जा रही है। इस बार फरवरी तक ज्यादा सर्दी पड़ने के आसार बताये जा रहे है।11 डिग्री तक गिर सकता है न्यूनतम पारामौसम वैज्ञानिक के अनुसार, हाल ही में कश्मीर घाटी में पड़ी बर्फबारी हुई है। पहाड़ों की हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो जाने से अगले कुछ दिनो में सर्दी महसूस होगी। अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री जबकि न्यूनतम 11 डिग्री तक आ सकता है। 19 नवंबर के आासपास एक और वेस्टर्न डिस्टरवेंस के एक्टिव होने की संभावना है। इससे एक बार फिर तापमान में वृद्धि हो सकती है लेकिन नवंबर के आखिरी दिनों से ठंड अपने रंग में आने लगेगी।बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों ने सावधानी बरतना शुरू कर दीइस बार अधिक पड़ेगी ठंडइस बार दिसंबर, जनवरी और फरवरी में ज्यादा सर्दी पडऩे के आसार हैं। इन्हीं महीनों में शीत लहर और कोहरे की स्थिति बनेगी। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि जिस तरह गर्मी में गर्मी ने और मॉनसून में बारिस ने रिकॉर्ड तोड़ा, उसी तरह इस बार ठंड भी कुछ नए रिकॉर्ड बना सकती है। अभी तक ठंड इसलिए ज्यादा नहीं पड़ी क्योंकि एक के बाद एक वैस्टर्न डिस्टरवेंस आते रहे। इनके कारण ही अगले कई दिन ठंड बढ़ेगी और वापस तापमान में वृद्धि होगी।अक्टूबर में ही दे दी थी दस्तकसीएसए के मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, इस साल सर्दी की दस्तक अक्टूबर में ही हो गई थी। बार-बार आ रहे पश्चिमी विक्षोभों के असर से अभी तक तापमान में उतनी गिरावट नहीं आ सकी जितनी आनी चाहिये थी। पहाड़ों पर बर्फबारी भी ज्यादा नहीं हुई है। फिर हवा की दिशा भी बार-बार बदलती रहती है। इसीलिए कभी दिन में गर्मी लगने लगती है।

Related Articles

Back to top button