ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
मध्यप्रदेश

7 नवंबर से 6वीं से 8वीं की अर्द्धवार्षिक; एक सप्ताह में चौथा आयोजन

भोपाल: मध्यप्रदेश में 6वीं और 8वीं क्लास की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 7 नवंबर से प्रारंभ होना है। इससे 48 घंटे पहले राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक महोत्सव मनाया जाएगा। अभी तीन कार्यक्रम पहले से चल रहे हैं। ऐसे में चौथा कार्यक्रम आयोजित किए जाने से बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावक और शिक्षक चिंतित है। पहले यह कार्यक्रम 7 नवंबर को होना वाला था, लेकिन परीक्षाओं को देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र मध्यप्रदेश के अपर मिशन संचालक लोकेश कुमार जांगिड़ ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। इसमें कहा गया कि 6वीं से 8वीं क्लास की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 7 नवंबर से 16 नवंबर के बीच होना है। इस कारण राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक महोत्सव 2022-23 को दो दिन पहले 5 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।अभी तीन कार्यक्रम चल रहे हैंजानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूला में अभी तीन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अनुगूंज, कालिदास और एक कार्यक्रम स्कूलों में चल रहा है। इसमें से कालिदास राज्य स्तरीय है, जबकि अन्य कार्यक्रम स्कूल स्तर पर चल रहे हैं। इसके बाद यह संभाग स्तर पर और राज्य स्तर पर होंगे।पहली से 5वीं क्लास की अर्द्धवार्षिक परीक्षा होना हैनवंबर में पहली से लेकर 5वीं क्लास की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं भी होना है। कार्यक्रमों को लेकर अब शिक्षक भी परेशान हो चुके हैं। शिक्षकों का मानना है कि स्कूल में इतने ज्यादा कार्यक्रम हो रहे हैं, कि पढ़ाई का समय तक नहीं मिल रहा।

Related Articles

Back to top button