ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
उत्तरप्रदेश

फर्जी वीजा, पासपोर्ट के साथ पकड़े गए ईरानी नागरिक, कोर्ट ने दी दो साल की कैद की सजा

महराजगंज: यूपी के महराजगंज जिले की एक अदालत ने फर्जी वीजा और पासपोर्ट के आधार पर नेपाल जाने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किए गए एक ईरानी नागरिक को दोषी करार देते हुए उसे दो साल की कैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) संतोष कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने बृहस्पतिवार को आरोपी ईरानी नागरिक 38 वर्षीय हुसैन हमीदिया को दोषी करार देते हुए दो वर्ष की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।

अदालत ने कहा कि अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है तो उसे एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आतिश कुमार सिंह ने बताया कि भारत से नेपाल जा रहे ईरानी नागरिक को भारत-नेपाल सीमा के सोनौली इलाके में आव्रजन विभाग ने 13 जनवरी 2022 को गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि जांच के बाद उसके वीजा और पासपोर्ट दस्तावेज फर्जी पाए गए।

उन्होंने बताया कि विदेशी नागरिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी), 467,468,471 (दस्तावेजों में हेराफेरी) और विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी मिश्रा ने आरोपी के खिलाफ पैरवी करते हुए उसे सजा देने की मांग की। मिश्रा ने बताया कि अदालत ने ईरानी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने का दोषी पाया, उसे दो साल कैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

Related Articles

Back to top button