ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
दिल्ली NCR

‘सांसदों ने स्पीकर का किया अपमान…’ लोकसभा और राज्यसभा से 78 सांसदों के निलंबन पर बोले पीयूष गोयल

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति का ‘अपमान’ करने और अपने आचरण से देश को ‘शर्मिंदा’ करने का आरोप लगाया। पिछले पांच दिनों के भीतर संसद के दोनों सदनों के 92 सदस्यों को निलंबित किए जाने के सिलसिले में केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर आए और जानबूझकर संसदीय कार्यवाही को बाधित किया जबकि पहले फैसला लिया गया था कि सदन में तख्तियां ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के टी आर बालू और तृणमूल कांग्रेस के सौगत रे सहित 33 विपक्षी सदस्यों को संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर तख्तियां दिखाने और नारे लगाने के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।

DMK के 10, तृणमूल कांग्रेस के नौ, कांग्रेस के आठ और आईयूएमएल, जदयू और आरएसपी के एक-एक सदस्य सहित 30 सदस्यों को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया जबकि कांग्रेस के तीन अन्य सदस्यों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया। विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए सदन की कार्यवाही बाधित की।

पिछले सप्ताह लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष के 13 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था और राज्यसभा से एक सदस्य को निलंबित कर दिया गया था। कुल 33 सदस्यों के निलंबन की घोषणा के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इसके कुछ ही देर बाद विपक्ष के 45 सदस्यों को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।

Related Articles

Back to top button