ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
मध्यप्रदेश

अंदड़ क्षेत्र में खेत में तेंदुआ दिखने से ग्रामीणाें में दहशत

अंदड़। क्षेत्र में तेंदुआ और उसके शावक के आने से किसानों में दहशत का माहौल है। विगत 15 दिनों से ग्राम अंदड और उसके आसपास के क्षेत्र में तेंदुआ और उसके दो शावक सक्रिय है। तेंदुए ने दो सूअर और एक बंदर व बकरे काे शिकार बनाया है।

रबी की फसल के दौरान खेतों में किसानों द्वारा रात्रि सिंचाई की जा रही है। वहीं क्षेत्र में तेंदुए के आने से किसान दहशत में है। किसान खेतों से अपना काम छोड़कर भाग रहे हैं।

तेंदुए के डर से किसानों ने मांग की कि बिजली विभाग केवल दिन में ही पर्याप्त बिजली दें, जिससे किसानों को रात में खेत में नहीं जाना पड़े। गांव के ही सीताराम ने बताया कि वह अपने खेत में सिंचाई के लिए जा रहे थे। अचानक उन्हें जानवर दिखाई दिया और वह अपना वाहन छोड़कर भाग गए।

साथ ही गांव के राधेश्याम यादव ने भी अपने खेत में तेंदुआ देखा। मंगलवार दोपहर में दिनेश परशुराम यादव अपनी पत्नी के साथ खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने भी जानवर को देखा और वह अपना काम छोड़कर घर की और भाग गए। उक्त जानकारी विभाग को दी गई है। उसके बाद वन विभाग की टीम में निरीक्षण भी किया है।

वहीं तेंदुओं को पकड़ने के लिए वनविभाग द्वारा पिंजरा भी लगाया गया है। साथ ही ग्रामीणों की विद्युत विभाग से यह मांग की कि पर्याप्त बिजली केवल दिन के समय ही दी जाए। क्योंकि किसान रात्रि के समय अब दहशत के कारण खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ताकि तेंदुए के आने से दिन के समय पर्याप्त सिंचाई हो पाए और फसल प्रभावित नहीं हो।

Related Articles

Back to top button