ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
धार्मिक

छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए छठ पूजा में रखें इन बातों का ध्यान, मिलेगा पुण्य फल

इंदौर। सनातन धर्म में छठ पूजा व्रत का बहुत महत्व होता है। इस त्योहार को लोग धूमधाम से मनाते हैं। इस चार दिवसीय उत्सव के प्रत्येक दिन का अपना धार्मिक महत्व है, जिसका भक्तों को पालन करना चाहिए। यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। इस दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा करने की परंपरा है। छठ पूजा उत्सव चतुर्थी तिथि से शुरू होता है और सप्तमी तिथि तक रहता है। इस साल छठ पर्व 17 नवंबर यानी आज से शुरू हुआ है। इसका समापन 20 नवंबर को होगा। अगर आप भी छठी मैया की पूजा करते हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

छठ पूजा पर ध्यान रखें ये बातें

  • व्रत करने वालों को अपने घर की साफ-सफाई करनी चाहिए, क्योंकि इन दिनों पवित्रता का सबसे ज्यादा महत्व होता है।
  • किसी भी पूजा को शुरू करने से पहले भक्तों को सुबह जल्दी स्नान करना चाहिए।
  • छठ पूजा के दौरान महिलाएं हर दिन नारंगी सिन्दूर लगाती हैं, क्योंकि यह पहला और मुख्य अनुष्ठान माना जाता है।
  • भोग प्रसाद बनाते समय साधारण नमक का प्रयोग न करें, केवल सेंधा नमक का प्रयोग करें।
  • इस त्योहार के दौरान शराब या मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।
  • इस पूजा में तामसिक भोजन से परहेज करना जरूरी माना जाता है।
  • पूजा के दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया को दूध भी अर्पित करना चाहिए।
  • छठ पूजा के दौरान ये जरूरी है कि रात्रि के समय व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • पूजा का समापन सूर्य देव और छठ माता की आरती के साथ करना चाहिए।
  • पूजा के लिए नई और सुंदर टोकरी का ही उपयोग करें।
  • व्रत करने वाला सबसे पहले भोग प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करता है, फिर खुद खाता है, इसके बाद इसे परिवार के सभी सदस्यों में वितरित किया जाता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button