ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
उत्तरप्रदेश

मौत की सजा पाने वालों में आगरा का संजीव गुप्ता भी शामिल.. बूढ़े माँ-बाप को बेटे के वापसी की उम्मीद

आगरा : कतर की एक अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद आगरा निवासी नौसेना के पूर्व कमांडर संजीव गुप्ता के परिवार ने सरकार से उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और सुरक्षित भारत लाने की मांग की है। संजीव को सजा मिलने की खबर सुनने के बाद से परिवार स्तब्ध है। आगरा के गांधी नगर निवासी संजीव गुप्ता के पिता 90 वर्षीय राजपाल गुप्ता और उनकी मां परेशान हैं। संजीव के भतीजे ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमें अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है। सरकार भी पूरा प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही चाचा व अन्य सभी भारतीय कर्मी अपने घर लौट आएं।’’

संजीव गुप्ता की बेटी पेशे से अधिवक्ता हैं, जो अपनी मां के साथ भारत और कतर में मुकदमे के संदर्भ में प्रयासरत हैं। भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को कतर की अदालत की ओर से बृहस्पतिवार को मौत की सजा सुनाए जाने पर भारत ने कहा था कि वह इस फैसले से बेहद हैरान है और इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। ये सभी आठ भारतीय नागरिक अल दाहरा कंपनी के कर्मचारी हैं जिन्हें पिछले साल कथित जासूसी के मामले में हिरासत में लिया गया था।

राजपाल गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे संजीव ने भारतीय नौसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। राजपाल ने बताया कि संजीव के दोस्तों ने उन्हें कतर जाने के लिए तैयार कर लिया और वहां की अल दाहरा कंपनी ने उन्हें अच्छे वेतन पर नौकरी की पेशकश की थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद साल 2018 में संजीव पत्नी और इकलौती बेटी के साथ कतर चले गये। इस दौरान बीच-बीच में भारत और आगरा परिवार के पास आते रहे।राजपाल गुप्ता ने रुंधे गले से बताया कि संजीव आखिरी बार मार्च 2022 में घर आये थे। इसके बाद वह पत्नी और बेटी को दिल्ली छोड़कर अकेले ही वापस कतर चले गये।

Related Articles

Back to top button