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महादेव ऑनलाईन एप का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दुबई से चला रहा था ठगी का कारोबार

मुंबई। सरकारी योजना का लालच देकर फर्जी अकांउट खुलवाकर करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में गिरोह के रतलाम शहर के मुख्य आरोपी मृगांक मिश्रा को पांच महीने बाद प्रतापगढ़ पुलिस ने मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। याद हो कि पुलिस ने आरोपी मृगांक मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट का नोटिस जारी किया था।

मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि प्रतापगढ़ के कुछ लोगों ने मई के महीने में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सरकारी योजना के तहत रुपयों का लालच देकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवाए गए। पीड़ितों के अनुसार, इन खातों में सरकारी योजना के तहत रुपए डलवाने की बात कही गई थी। उनके नाम से सिम कार्ड भी जारी करवाए गए। जिसके बाद बैंक की ओर से जानकारी दी कि उनके खातों में ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहा है, जिसके बारे में परिवादी को कुछ पता नहीं था। इसपर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित कर जांच शुरु की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर पुलिस ने तत्काल खातों को संदिग्ध मानते हुए डेबिट सीज किया। इन खातों से जुड़े सभी खाते जिनमें संदिग्ध राशि को ट्रांसफर किया गया था। ऐसे 90 से ज्यादा खातों का अबतक पता लगाया जा चुका है, जिनमें इन खातों से राशि ट्रांसफर हुई है। जब इन खातों की जांच की गई तो पुलिस को पता चला कि ये रकम आईपीएल सट्टे और अन्य संदिग्ध कार्यों से जमा हुई है। इन सभी खातों को डेबिट फ्रिज करके अबतक 3 करोड़ 88 लाख 29 हजार 178 रुपए की संदिग्ध रकम होल्ड की है।

इसी कड़ी में पुलिस ने फर्जी खाते खुलवाने वाले 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 20 से ज्यादा डेबिट, क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए। प्रकरण में मुख्य सरगना मृगांक मिश्रा पुत्र अनिल कुमार मिश्रा निवासी पिवम अपार्टमेंट मित्र निवास कॉलोनी रतलाम, हाल मुंबई फ्लैट नम्बर 703 आक्टा केस्ट बिल्डिंग लोखंडवाला कांदीवली ईस्ट मुंबई की तलाश की गई। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दुबई में रह रहा है और वहीं से अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी किया था।

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