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नोट कर लें इंदिरा एकादशी व्रत के पारण का समय, दिन में इस मंत्र का करें जाप

इंदौर। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह एकादशी हर साल पितृपक्ष के दौरान आती है, ऐसे में इस एकादशी व्रत को करने से विशेष फल की प्राप्ति मिलती है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, इस साल इंदिरा एकादशी व्रत पंचांग के अनुसार तो 9 अक्टूबर को दोपहर 12:36 से प्रारंभ होगा, जो 10 अक्टूबर की दोपहर 3:08 तक रहेगा, लेकिन उदया तिथि के कारण इंदिरा एकादशी व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। पंडित चंद्रशेखर मलतारे का कहना है कि यदि इस व्रत को विधि-विधान के साथ किया जाता है तो जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

इंदिरा एकादशी व्रत का मुहूर्त

  • एकादशी तिथि की शुरुआत- 9 अक्टूबर 2023 को दोपहर 12:36 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त – 10 अक्टूबर 2023 को दोपहर 03:08 बजे
  • व्रत पारण समय- 11 अक्टूबर 2023 को सुबह 06:19 बजे से 08:38 बजे की मध्य
  • पारण तिथि – द्वादशी समाप्त होने का समय शाम 05:36 बजे

इंदिरा एकादशी पर कैसे करें पूजा

सुबह स्नान आदि के बाद मंदिर की साफ सफाई करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें। पंचामृत से भगवान विष्णु की प्रतिमा का अभिषेक करें। इसके बाद गंगाजल से भी अभिषेक कर सकते हैं। अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। व्रत का संकल्प लेकर इंदिरा एकादशी व्रत का पाठ करें और दिन में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। व्रत के आखिर में भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें और प्रसाद का भोग लगाएं। आखिर में किसी भी गलती के लिए क्षमा प्रार्थना भी करें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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