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मध्यप्रदेश

वन विभाग ने जेसीबी से किए गड्ढे, कागजों पर मजदूरों से बताई खोदाई, भुगतान के लिए लगाए बिल

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर में पौधारोपण से जुड़े कार्यों में अनियमितताएं सामने आई हैं। जहां वन विभाग ने वर्षा के दौरान परिसर में चार हजार पौधे लगाने का प्रस्ताव बनाया था, लेकिन फरवरी से जुलाई के बीच महज ढाई हजार पौधे रोपे गए हैं। पौधों की गिनती के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आई। इसके बाद आनन-फानन में जेसीबी से डेढ़ हजार गड्ढे खोदकर जैसे-तैसे पौधे रोपे जाने लगे हैं। बाद में गड्ढ़ों की खोदाई और खाद डालने का काम मजदूरों से करना बताया है। मामले में अब शिकायत वन विभाग मुख्यालय तक पहुंच गई है।

दरअसल, वर्षा के दिनों में पौधारोपण को लेकर वन विभाग हर साल प्रोजेक्ट तैयार करता है। इसमें बीते तीन साल की तरह इस बार भी पर्यावरण शाखा से विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर में पौधे लगाने की योजना बनी। प्रोजेक्ट चार हजार पौधे लगाने का बनाया। काम भी फरवरी अंतिम सप्ताह से शुरू कर दिया था, जिसमें गड्ढे खोदाई, मिट्टी व खाद डाली गई। अप्रैल से मई तक पौधारोपण के लिए तक्षशिला परिसर में तैयारी पूरी कर ली। वर्षा होते ही पौधे लगा भी दिए।

गिनती के दौरान कम निकले पौधे

सूत्रों के मुताबिक, इनके भुगतान की प्रक्रिया की गई। कागजों पर चार हजार पौधे लगाना दर्शाया गया, मगर गिनती के दौरान पौधे कम निकले। आनन-फानन में अगस्त के पहले सप्ताह में जेसीबी से परिसर की सफाई करवाई गई। तक्षशिला परिसर की बाउंड्रीवाल के समीप पौधे रोपे गए हैं। यह काम दस दिन में पूरा किया गया। बाद में अफसरों ने दोबारा गिनती करवाकर चार हजार पौधे लगाना बताया है।

मजदूरों के नाम से बिल-बाउचर भी लगा दिए

जेसीबी से करवाए गए गड्ढों को मजदूरों से काम कराना दस्तावेजों में बताया है। इनके बिल-वाउचर भी लगा दिए। धार जिले के मजदूरों को तक्षशिला परिसर में काम करना दर्शाया है, जो नियमानुसार बिलकुल सही नहीं है। असल में जिस क्षेत्र में पौधारोपण किया जाता है। रोजगार की दृष्टि से वहीं के मजदूरों से काम करवाने का नियम है। इसके बारे में पर्यावरण शाखा के जिम्मेदारों को भी जानकारी थी। वरिष्ठ अधिकारियों को गड़बड़ी की भनक तक नहीं लगने दी।

पौधे लगाने की संख्या नहीं बताई

वन विभाग ने सिर्फ अनुमति मांगी थी। बाद में स्थान सुनिश्चित किया गया। मगर वनकर्मियों ने पौधे लगाने की संख्या नहीं बताई। वैसे अगस्त में जेसीबी परिसर में जरूर नजर आई थी। सफाई के बारे में बताया गया। – डा. दीपक मेहता, कैम्पस प्रभारी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय

दोबारा पौधों की गिनती करवाई

तक्षशिला परिसर में प्रोजेक्ट के मुताबिक चार हजार पौधे लगाए हैं। इसके लिए दोबारा गिनती की गई है। मजदूरों से ही गड्ढे करवाए हैं। मगर जेसीबी से पौधारोपण स्थल पर क्या काम करवाया है, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। – कौशांबी झा रेंजर, पर्यावरण शाखा

जांच करवाएंगे

तक्षशिला परिसर में पौधे लगाने में अनियमितता के बारे में पता लगा है। जांच करवाई जाएगी। संबंधित वनकर्मियों से भी पौधारोपण को लेकर पूछताछ की जाएगी। – नरेंद्र पंडवा. वनमंडलाधिकारी, इंदौर वनमंडल

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