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बिहार के बाहुबली नेता प्रभुनाथ सिंह को SC से बड़ा झटका, 28 साल पुराने डबल मर्डर केस में हुए दोषी करार

छपरा: बिहार के बाहुबली नेता और राजद के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। दरअसल, कोर्ट ने 28 साल पहले हुए डबर मर्डर केस में उन्हें दोषी करार दिया है। बता दें कि प्रभुनाथ सिंह हत्या के एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बदला हाईकोर्ट का फैसला 
1995 के डबर मर्डर केस में निचली अदालत ने प्रभुनाथ सिंह को रिहा कर दिया था और पटना हाईकोर्ट ने रिहाई के फैसले को सही ठहराया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया है। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एएस ओका और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने पूर्व सांसद को दोषी ठहराते हुए सजा पर बहस के लिए एक सितंबर की तारीख तय की।

प्रभुनाथ सिंह पर था दो लोगों की हत्या का आरोप 
बिहार की महाराजगंज लोकसभा सीट से तीन बार जेडीयू और एक बार आरजेडी के टिकट पर सांसद रह चुके प्रभुनाथ सिंह पर 1995 में मसरख के एक मतदान केंद्र के पास तब 47 साल के दारोगा राय और 18 साल के राजेंद्र राय की हत्या का आरोप था। आरोप था कि दोनों ने प्रभुनाथ सिंह समर्थित कैंडिडेट को वोट नहीं दिया इसलिए उनकी हत्या कर दी गई। वहीं मृतक के भाई द्वारा गवाहों को धमकाने की शिकायत के बाद इस केस को छपरा से पटना ट्रांसफर कर दिया गया जहां इसका ट्रायल हुआ।

2008 में पटना की अदालत ने सबूतों के अभाव में प्रभुनाथ सिंह को बरी कर दिया। वहीं 2012 में पटना हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहरा दिया। इसके बाद मृतक राजेंद्र राय के भाई ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बदलकर प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दे दिया है।

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