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मध्यप्रदेश

जज्जी के मामले में आज फिर सुनवाई

ग्वालियर। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मंगलवार को अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाणपत्र के बारे में स्क्रूटनी कमेटी के निर्णय के खिलाफ की गई अपील पर सुनवाई की। इस सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से बहस की जानी थी, लेकिन सुनवाई कुछ समय चलने के बाद बुधवार के लिए टाल दी गई। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। यहां बता दें कि अशोकनगर विधायक के जाति प्रमाणपत्र के खिलाफ हाईकोर्ट में एक इलेक्शन पिटिशन दायर हुई। सुनवाई के दौरान विधायक ने अपना पक्ष रखते हुए स्क्रूटनी कमेटी की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कमेटी ने उनके जाति प्रमाण पत्र को वैध ठहराया है। 2020 में याची के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में इस रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दायर की। जिसकी सुनवाई युगलपीठ में चल रही है।

कमलाराजे चैरिटेबल ट्रस्ट के मामले में पेश हुए तहसीलदार, मांगा समय

कमलाराजे चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एजी आफिस की जमीन का मुआवजा मांगन के मामले में मंगलवार को प्रकरण के प्रभारी तहसीलदार शिवदत्त कटारे पेश हुए। उन्होंने सुनवाई के दौरान न्यायालय से कहा कि इस प्रकरण में सटीक तथ्यों को पेश करने के लिए काफी पुराने दस्तावेज खोजकर निकालना होंगे। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने मामले के पक्षकारों को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद निर्धारित होगा कि मामले में आगे समय देना है या नहीं। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। कामलाराजे चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 2018 में जिला न्यायालय में एक दावा पेश किया गया। जिसमें बताया गया कि जहां वर्तमान में एजी आफिस पुल बनाया गया है, वह जगह कमलाराजे ट्रस्ट की है। इसी को आधार बनाकर ट्रस्ट ने प्रदेश शासन से करीब 7 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। यहां बता दें कि कमलाराजे चैरिटेबल ट्रस्ट ने स्वयं को पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट होना बताया है। ट्रस्ट के पास अचल संपत्ति भी है। ऐसे में उसका भारतीय न्यास अधिनियम के प्रविधान के अंतर्गत पंजीकृत होना भी आवश्यक है, लेकिन ट्रस्ट का पंजीयन ही नहीं है।

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