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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में डाक्टरों को सार्थक एप पर ही दर्ज करानी होगी उपस्थिति स्वास्थ्य संचालनालय ने पांच दिनों में मांगी रिपोर्ट

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज कराने के लिए अब सख्ती शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संचालनालय में अपर संचालक डा. प्रमोद पाठक ने सभी जिलों के सीएमएचओ और सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर ऐसे डाक्टरों की सूची मांगी है जिन्होंने अभी तक सार्थक एप पर पंजीयन तक नहीं किया है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सार्थक एप के माध्यम से दर्ज उपस्थिति ही मान्य की जाएगी। बता दें कि डाक्टरों के देर से अस्पताल आने और जल्दी जाने को लेकर नईदुनिया ने लगातार समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद सार्थक एप की व्यवस्था इस वर्ष जनवरी में शुरू की गई। इस मामले में मंत्री से लेकर अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण कुछ डाक्टर ही इसका पालन कर रहे हैं। बता दें कि यह जीपीएस आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था है। इसके पहले बांडेड डाक्टरों के लिए यह निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि सार्थक पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर उन्हें बांड अवधि पूरी करने का प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। उपस्थिति की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय सार्थक एप डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर जिले की प्रतिदिन उपस्थिति की जानकारी प्रदर्शित की जाती है। स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं। आगे यह भी तैयारी है कि विभाग की ओर से डाक्टरों को दिए जाने वाले विभिन्न अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए सार्थक एप में उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया जाए।

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