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मध्यप्रदेश

नगर निगम और बिजली कंपनी की लापरवाही से पिछड़ रहा जीजी फ्लाइओवर का काम

भोपाल। शहर के एमपी नगर क्षेत्र में गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक बनाए जा रहे जीजी फ्लाइओवर का निर्माण चार बार डेडलाइन बदलने के बाद भी अधूरा है। इसकी मुख्य वजह नगर निगम और बिजली कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही है। दरअसल यहां बिजली के पाेल और कोलार जलप्रदाय के पाइप लाइन की शिफ्टिंग होना है। इसमें निगम और बिजली कंपनी के अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं। इधर तय समय में फ्लाइओवर का निर्माण नहीं होने से वर्षा काल में यहां से निकलने वाले राहगीर व वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

बता दें कि एमपी नगर में नापतौल विभाग के पास से गायत्री मंदिर के सामने तक 200 मीटर की कोलार पाइप लाइन शिफ्ट होना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा नगर निगम के खाते में फरवरी माह में ही एक करोड़ जमा करा दिए गए, लेकिन चार माह बाद भी अब तक यह काम शुरू नहीं हुआ। वहीं फ्लाईओवर के लिए बोर्ड आफिस चौराहा से गायत्री मंदिर तक बिजली की हाइटेंशन लाइन और 20 पोल शिफ्ट होना है। इसके लिए भी पीडब्ल्यूडी अक्टूबर 2022 में निगम को 38 लाख रुपये का भुगतान कर चुका है, लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी से अब तक पाइप लाइन की शिफ्टिंग नहीं हो सकी है।

दिसंबर 2022 में पूरा होना था निर्माण कार्य

जीजी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दिसंबर 2020 में शुरू हुआ। इसे दिसंबर 2022 तक पूरा करना था, लेकिन कोरोना लाकडाउन की वजह से चार माह का एक्सटेंशन दिया गया। इसके आधार पर डेडलाइन अप्रैल 2023 तक बढ़ा दी गई । इसके बाद यह डेडलाइन मई, फिर जून 2023 हो गई।

तीन माह और लगेंगे, फिर बढ़ेगी डेडलाइन

आर्किटेक्ट व टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अभी वल्लभ भवन की ओर जाने वाले आर्म के पिलर का निर्माण कार्य जारी है। वहीं गणेश मंदिर के पास भी काफी काम बचा हुआ है। वहीं नगर निगम और बिजली कंपनी को लाइन शिफ्टिंग में समय लगेगा। इसके बाद बचे हुए निर्माण कार्य पूरें होंगे। इन सब कामों में अभी तीन माह का समय लग सकता है। ऐसे में पीब्डल्यूडी को एक बार फिर डेड लाइन बढ़ानी होगी।

जीजी फ्लाइओवर एक नजर

परियोजना का शुभारंभ – 20 दिसंबर 2020

फ्लाइओवर की लंबाई – 2734 मीटर

फ्लाइओवर की चौड़ाई – 15 मीटर

पिलर बनेंगे – 92

गार्डर लांच होंगे – 91

सिविल वर्क पूर्ण – 90 प्रतिशत

निर्धारित समयसीमा – पहले दिसंबर 2022, अब जून 2023

लागत – 126 करोड़ रुपये

एक घंटे में वाहन निकलेंगे – 10 हजार

इनका कहना है

कोलार जलप्रदाय की शिफ्टिंग के लिए शट डाउन लेना होगा। गर्मी में लोगों की परेशानी को देखते हुए इसकी शिफ्टिंग नहीं की गई। एक सप्ताह के अंदर पाइप लाइन शिफ्टिंग का काम शुरु कर दिया जाएगा।

– उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री जलकार्य नगर निगम

फ्लाइओवर का सिविल कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। बिजली के पोल और पाइप लाइन की शिफ्टिंग नहीं होने से इसमें देरी हो रही है। इसके बाद इलेक्ट्रिफिकेशन और सुंदरीकरण कर इसकी लोड टेस्टिंग की जाएगी।

– रवि शुक्ला, एसडीओ पीडब्ल्यूडी

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