ब्रेकिंग
मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
विदेश

फिल्म आदिपुरुष के विवाद में काठमांडू में सोमवार से सभी भारतीय फिल्मों पर बैन

एकर तरफ भारत में ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर विवाद और विरोध का दौर जारी है, तो दूसरी तरफ नेपाल में भी इसका विरोध शुरु हो गया है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने काठमांडू में सोमवार से सभी भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है। दरअसल बालेन शाह ने तीन दिन पहले ही ‘आदिपुरुष’ को बैन करने की मांग की थी। इस कई जगह फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए। अब काठमांडू महानगर पालिका ने फैसला लिया है कि वह सोमवार से ‘आदिपुरुष’ ही नहीं बल्कि कोई भी हिंदी फिल्म नहीं चलाएंगे।

जानिए क्या है विवाद

दरअसल जब से ये फिल्म रिलीज हुई है, तभी से नेपाल में इसका विरोध हो रहा है। दरअसल फिल्म में सीता का जन्म स्थान भारत बताया गया है। जबकि नेपाल सरकार और लोगों का मानना है कि सीता जी का जन्म नेपाल के तराई वाले क्षेत्र जनकपुर में हुआ था। इस विषय को लेकर पहले भी दोनों देश के बीच विवाद रहा है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर ‘आदिपुरुष’ को लेकर एक पोस्ट किया और इसमें सुधार के लिए तीन दिनों का समय दिया था। तीन दिन बीत जाने के बाद उन्होंने इस पर बैन का फैसला लिया है।

सभी भारतीय फिल्मों पर बैन

इस फिल्मी विवाद को अब भारत-नेपाल संबंधों से जोड़ दिया गया है। इसी के तहत सभी भारतीय फिल्मों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि नेपाल में शुरू से ही भारतीय फिल्मों को खूब प्यार मिलता रहा है। लेकिन फिलहाल काठमांडू के 17 फिल्म हॉल ने भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग से मना कर दिया है। ऐसे में इस विवाद का दूसरी फिल्मों को भी नुकसान हो रहा है।

Related Articles

Back to top button