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सब इंस्पेक्टर सूबेदार भर्ती परीक्षा को चुनौतीहाई कोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

 बिलासपुर। सब इंस्पेक्टर,सूबेदार व प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा में नियमों की अवहेलना को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने इस बात की भी शिकायत कोर्ट से की है कि भर्ती के लिए तय मापदंड का पालन विभाग द्वारा नहीं किया गया है। नियमों का पालन करने के बजाय विधि विरुद्ध तरीके से प्रारंभिक सूची जारी कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की खंडपीठ ने विभिन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा सब इंस्पेक्टर सूबेदार एवं प्लाटून कमांडर के पद पर की जा रही भर्ती को लेकर जारी मेरिट सूची को चुनौती दी गई याचिका पर सुनवाई की!

याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से यह पक्ष रखा गया है कि उक्त सूची में भर्ती नियमों का पालन ना किया जाकर विधि विरुद्ध प्रारंभिक सूची जारी की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नियमों का अवहेलना करने के कारण उन सभी को मुख्य परीक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता राहुल शर्मा एवं सचिन निधि ने कोर्ट को बताया कि प्रारंभिक सूची में चयन, कुल पद के 20 गुना अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर चयनित किया जाना था। परंतु उत्तरवादी द्वारा प्रारंभिक परीक्षा में ही वर्ग वार छटनी कर सूची तैयार किया जाना नियम विरुद्ध होने से निरस्त किए जाने योग्य है।

ग्रीष्मकालीन कोर्ट में हुई सुनवाई

ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते वेकेशन कोर्ट लगाया गया था। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय के सिंगल बेंच मे याचिका की सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट राज्य शासन सहित प्रमुख पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

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