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मध्यप्रदेश

कालोनी के मास्टर प्लान में बदलाव के लिए प्रति हेक्टेयर दस हजार रुपये देना होगा शुल्क

भोपाल। मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय (टीएनसीपी) में अब एक सिटी प्लानर भी होगा। राज्य सरकार टीएनसीपी के संचालक की सहायता के लिए मुख्य नगर निवेशक (चीफ सिटी प्लानर) और अन्य अधिकारियों को नियुक्त कर सकेगी। राज्य सरकार ने 11 साल पहले बने मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 में बदलाव का प्रारूप जारी कर दिया है।

ये बदलाव 10 जून से प्रभावशील हो जाएंगे। इसमें चीफ सिटी प्लानर को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा भूखंड या कालोनी के मास्टर प्लान या जोनल प्लान में बदलाव के लिए भूस्वामी को आवेदन के साथ दो गुनी फीस भी देनी होगी। पहले आवेदन के साथ पांच हजार रुपये प्रति हेक्टेयर शुल्क जमा करना होता था, जिसके बढ़ाकर अब दस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 में प्रविधान था कि संचालक टीएनसीपी की सहायता के लिए राज्य सरकार सहायक संचालक, उप संचालक, संयुक्त संचालक, अपर संचालक और अन्य अधिकारियों को नियुक्त कर सकेगी, लेकिन अब इसके स्थान पर चीफ सिटी प्लानर और अन्य अधिकारियों को नियुक्ति के अधिकार को शामिल किया गया है।

मास्टर या जोनल प्लान में परिवर्तन के ब्यौरे अब सिटी प्लानर के कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएंगे। एक बदलाव यह भी किया गया है कि उपांतरण (प्लान में परिवर्तन) के लिए आवेदित भूमि चारों ओर से समुचित अनुमति प्राप्त विकसित क्षेत्र के भीतर स्थित होने अथवा प्राकृतिक / भौतिक संरचनाओं (जिनमें शामिल हैं नदी, वन क्षेत्र, पहाड़ी क्षेत्र, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला सड़क मार्ग व रेलवे भूमि) द्वारा अवरुद्ध हो, वहां आवेदन प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल की आवश्यकता की कोई शर्त नहीं होगी।

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