ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
छत्तीसगढ़

जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी, बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ में स्मार्ट सिटी कंपनियों के निर्वाचित संस्थाओं के अधिकार हड़पने वाली जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी हो गई। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की बेंच ने तीन दिनों तक याचिकाओं पर सुनवाई की। अधिवक्ता विनय दुबे की ओर से दायर जनहित याचिका में बिलासपुर और रायपुर नगर में कार्यरत स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनियों को चुनौती दी गई है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि, स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनियों ने निर्वाचित नगर निगमों के सभी अधिकारों और क्रियाकलाप का असंवैधानिक रूप से अधिग्रहण कर लिया है। जबकि ये सभी कंपनियां विकास के वही कार्य कर रहीं जो संविधान के तहत संचालित प्रजातांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित नगर निगमों के अधीन है। पिछले पांच सालों में कराए गए कार्य की प्रशासनिक या वित्तीय अनुमति नगर निगम मेयर इन काउंसिल या सामान्य सभा से नहीं ली गई है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि, कंपनी का स्वामित्व राज्य शासन और निगम की 50 फीसदी भागीदारी होने के बाद भी राज्य सरकार का है। अधिकारियों को ही डायरेक्टर बनाया गया है, यह स्थानीय निकाय को कमजोर करने का प्रयास है। मामले पर तीन मई को बहस शुरू हुई थी। इस दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और स्मार्ट सिटी कंपनियों की तरफ से अधिवक्ता सुमेश बजाज ने पक्ष रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षि रखा है।

 

Related Articles

Back to top button