ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
देश

बईया चिड़िया को किया बेघर, वन विभाग ने ठेकेदार पर एक करोड़ 12 लाख का जुर्माना ठोका 

0हरियाणा के झज्जर जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने लोहारी माइनर क्षेत्र में पेड़ों को तहस-नहस करने के एवज में एक ठेकेदार पर एक करोड़ 12 लाख का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं ठेकेदार के करीब डेढ़ करोड़ रुपए के वाहनों को भी जब्त किया है। हरियाणा प्रदेश के इतिहास में वन विभाग द्वारा की गई यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। दरअसल कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लोहारी गांव के आसपास मनमाने तरीके से करीब 1500 पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। इस पेड़ों पर बईया नाम की चिड़िया के घोंसले भी थे। कंपनी ने न सिर्फ पेड़ों को तहस नहस कर मिट्टी के नीचे दबा दिया। बल्कि परिंदों के घर भी छीन लिए। जिससे वन और प्रकृति को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद वन विभग ने ये बड़ी कार्रवाई की है।
कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के केयरटेकर अविनाश सिंगल की देखरेख में कंपनी माइनर का निर्माण कर रही है। लेकिन गैरकानूनी तरीके से लोहारी आरक्षित वन क्षेत्र में कंपनी में करीब 1500 पेड़ उखाड़ दिए, तोड़ दिए और मिट्टी के नीचे दबा दिए। लोहारी माइनर क्षेत्र में वन विभाग का 20000 हेक्टेयर वन क्षेत्र आरक्षित है।
कंपनी ने माइनर के साथ लगती मिट्टी को बेचने का प्रयास किया। जिन पेड़ों को नष्ट किया गया उन पेड़ों पर ऐसी प्रजाति के पक्षियों का भी घोंसला था। जो अब कभी कभार और किसी जगह ही देखने को मिलती है। बईया नामक पक्षियों की प्रजाति लगातार विलुप्त होती जा रही है। इन पेड़ों पर उनका भी आशियाना था और यह प्रजाति अब हरियाणा प्रदेश में कहीं-कहीं ही दिखाई देती है। लेकिन कंपनी ने बईया चिड़िया को भी बेघर कर दिया।
विभाग के मुताबिक यह मामला बड़ा हो सकता है क्योंकि जिस कंपनी के पास माइनर का काम है। वह कंपनी पीछे गुरुग्राम से भी काम करती आ रही है और झज्जर का यह 9 किलोमीटर का एरिया था। जहां पर इन्होंने पेड़ों को नष्ट किया। झज्जर वन विभाग गुरुग्राम वन विभाग से भी संपर्क कर रहा है। अगर गुरुग्राम में भी कम्पनी ने ऐसा ही कारनामा किया होगा, तब जुर्माने की राशि बढ़ सकती है।

Related Articles

Back to top button