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छत्तीसगढ़

अभियान चलाकर ट्रेनों में पत्थरबाजी रोकने का प्रयास

ट्रेनों में बढ़ती पत्थरबाजी की घटना पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें युवा व बच्चों को खासतौर पर समझाया जा रहा है कि ऐसा करना अपराध है। इस दौरान कार्रवाई करने का भी प्रविधान है।यह अभियान रेलवे बोर्ड के निर्देश पर बिलासपुर रेल मंडल में भी चलाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट को सौंपी गई है।

पोस्ट के क्षेत्राधिकार में आने वाले क्षेत्र व रेलवे लाइन के नजदीकी बसे ग्राम पंचायत, नगर, कस्बों में पहुंचकर आरपीएफ की टीम जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को ट्रेनों में पत्थर नहीं मारने तथा इस तरह की घटनाओं से राष्ट्र की संपत्ति और देश का नुकसान होने संबंधित जानकारी देकर लोगों को जागरूक कर रही है।इसके साथ ही पत्थरबाजी करने संबंधित अपराध एवं दंड से अवगत कराते हुए इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होने का परामर्श दिया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय शिक्षण संस्थाओं में भी बच्चों को रेल लाइन के नजदीक नहीं जाने, पत्थरबाजी न करने, रेल लाइन पार नहीं करने तथा संरक्षा संबंधित जानकारी दी जा रही है।

उन्हें समझाया जा रहा है कि ट्रेनों में पत्थरबाजी एवं अन्य तरीके से नुकसान पहुंचाने का प्रयास करना रेल अधिनियम की धारा 153 के तहत दंडनीय अपराध है। रेल अधिनियम की धारा 153 में पांच साल तक की सजा का प्रविधान है। उनसे अपील भी की जा रही है कि ट्रेनों में पत्थर न फेंके इससे यात्रियों को चोट भी लग सकती है।

कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। आरपीएफ पूरी तरह ऐसे क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। इसलिए ऐसे अपराधों से बचें। यह अभियान अभी लगातार जारी रहेगा। मालूम हो कि पिछले दिनों वंदे भारत ट्रेन में लगातार पत्थरबाजी हुई। इस दौरान ट्रेन की सुरक्षा भी बढ़ाई गई। इसका फायदा भी मिला। कुछ जगहों पर आरोपितों को पकड़ा भी गया। आरपीएफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई करेगी।

 

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