ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
खेल

28 टीमों का टूर्नामेंट शुरू, कश्मीर में बेटियों के फुटबाल में आने से बदलेगी तस्वीर

कश्मीरी अभिभावकों को अपनी बेटियों को फुटबाल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीम के कोच प्रेम थापा का मानना है कि घाटी की फुटबाल टीमों रियल कश्मीर और कश्मीर एफसी ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। फुटबाल के लिए राज्य में अच्छा ढांचा है ऐसे में महिलाओं के भी इस खेल में आगे बढ़ने की अपार संभावना है। कश्मीर में लड़कियों के लिए भी एक फुटबाल क्लब होना चाहिए। श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम और कश्मीर यूनिवर्सिटी में इस समय अखिल भारतीय पुलिस फुटबाल टूर्नामेंट चल रहा है। यहां दर्शकों में टूर्नामेंट को लेकर काफी उत्साह भी नजर आ रहा है।

लड़कियों के लिए अलग से हो क्लब

थापा ने कहा कि लड़कियों के लिए फुटबाल का पेशेवर क्लब होने से वे देश के अन्य हिस्सों में जाकर टूर्नामेंट खेल सकेंगी जिस तरह से लड़कों के लिए अकादमियां होती हैं। मणिपुर पुलिस महिला टीम की कप्तान ओनम बेमबेम देवी ने कहा कि घाटी में फुटबाल को बढ़ावा मिलना चाहिए। चीजें बदल सकती हैं अगर यहां नियमित रूप से भारतीय पुलिस फुटबाल चैंपियनशिप हो। कश्मीर में लड़कियों के लिए फुटबाल संस्कृति की जरूरत है। लड़कियों को महिला फुटबाल के मैचों को देखने के लिए स्टेडियम में आना चाहिए। कई महिलाएं पहले राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुकी हैं। युवा लड़कियों को उनसे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़कर खेल को अपनाना चाहिए।

सीआरपीएफ की खिलाड़ी निशा का कहना है कि अभिभावकों को लड़कियों को उसी तरह खेल के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जैसे वो लड़कों को करते हैं। मैं हरियाणा से हूं, पहले वहां लड़कियों को उतना बढ़ावा नहीं मिलता था लेकिन अब बहुत सारी लड़कियां खेलों में राज्य और देश का नाम रोशन कर रही हैं। जम्मू एवं कश्मीर में पुलिस उप महानिरीक्षक सैयद स्लीट शाह का कहना है कि महिलाओं को सभी क्षेत्रों में खेलों सहित सभी क्षेत्रों में अवसर मिलने चाहिएं।

खेलों में महिलाएं हमेशा प्रेरक के रूप में होती हैं और उनमें काफी आत्मविश्वास नजर आता है। कश्मीर विश्वविद्यालय की उप कुलपति प्रोफेसर नीलोफर खान कहती है कि यह शानदार है कि पूरे देश से टीमें यहां आकर खेल रही हैं, यह हमारे विद्यार्थियों के लिए काफी उत्साहवर्द्धक है।

Related Articles

Back to top button