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राजस्थान

कन्हैया हत्याकांड के मुख्य गवाह का छह घंटे तक चला ऑपरेशन,हालत में मामूली सुधार

उदयपुर । पिछले साले के बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा का दोबारा सफल ऑपरेशन किया गया। छह घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार है। संयोग की बात है कि पहला ऑपरेशन उसके जन्मदिन के दिन, जबकि दूसरा ऑपरेशन उसकी शादी की सालगिरह के दिन हुआ। चार दिन पहले 10 फरवरी को उसे एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सभी जांचें पूरी होने पर मंगलवार को उसका ऑपरेशन किया गया। इससे पहले उसका पहला ऑपरेशन 3 अक्टूबर को हुआ था और इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्रीन कॉरीडोर के जरिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष अग्रवाल और डॉ. राशिम कटारिया को उदयपुर भेजा था।

चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसकी हालत सही हुई। हालांकि उसके बाद एक बार फिर उसे शरीर में स्ट्रोक आया और उसका दोबारा एक महीने बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया था। सर्दी की वजह से तब उसका ऑपरेशन टाल दिय गया और अब मंगलवार को वह संपन्न हुआ।उल्लेखनीय है कि कन्हैयालाल हत्याकांड का राजकुमार शर्मा मुख्य गवाह है। घटना के समय वह भी कन्हैयालाल की दुकान पर था और बीच-बचाव में वह घायल हो गया था।

धमकियों के बीच लंबे समय तक घर में रहने से उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और वह कर्ज के तले आ गया। घर से नहीं निकल पाने तथा रोजगार खत्म होने के साथ बेटी की शादी की चिंता में उसके शरीर के दोनों हिस्सों में स्ट्रोक आ गया था। पिछले छह महीने से राजकुमार शर्मा बिस्तर पर है तथा परिजनों की मांग है कि उसे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के साथ एक परिजन को सरकारी नौकरी दिलाए जाए। विप्र फाउंडेशन ने राजकुमार शर्मा को आर्थिक सहायता प्रदान की थी लेकिन लगातार बीमारी के चलते घर की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

 

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