ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
दिल्ली NCR

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी गणतंत्र दिवस में होंगे मुख्य अतिथि..

नई दिल्ली । मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी इस बार गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि होंगे। भारत और मिस्र के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर जश्न मनाने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर विदेश मंत्रालय के सचिव औसाफ सईद ने सोमवार को कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी गर्मजोशी और दोस्ती मजबूत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिलने के सिर्फ तीन दिन के बाद ही दोनों देशों ने औपचारिक संबंध स्थापित किए थे।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह को गणतंत्र दिवस के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था, जिसका उन्होंने गर्मजोशी से स्वीकार किया। विदेश मंत्रालय के सचिव औसाफ सईद ने कहा, ‘पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस के लिए मुख्य अतिथि के लिए राष्ट्रपति सीसी को आमंत्रित किया था, जिसका उन्होंने गर्मजोशी से स्वीकार कर लिया है। हमने इस साल अपनी जी 20 की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया है।’

उन्होंने कहा कि यह संतोष और सभ्यता का विषय है कि भारत और मिस्र के बीच संबंध न केवल समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं बल्कि आपसी गर्मजोशी, दोस्ती और सद्भावना से और भी मजबूत हुए हैं।’मालूम हो कि मिस्र के राष्ट्रपति इससे पहले भी भारत आ चुके हैं। साल 2015 में उन्होंने पहली बार भारत की यात्रा की थी। सीसी की आगामी भारत यात्रा उनके राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरी होगी। इससे पहले दिसंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद को बताया था कि इस बार के गणतंत्र दिवस में मुख्य आतिथि के तौर पर मिस्र के राष्ट्रपति को बुलाया गया है और उन्होंने निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

 

Related Articles

Back to top button