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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- आपातकाल में घोंटा गया था अभिव्यक्ति की आजादी का गला

नई दिल्ली। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को चाणक्यपुरी स्थित अशोका होटल में पाञ्चजन्य पत्रिका के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे सहित कई मामलों पर अपनी बात रखी।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज अभिव्यक्ति की आजादी की बहस चल रही है इसके हनन का आरोप मौजूदा सरकार पर लग रहा है लेकिन यह आरोप लगाने वाले भूल जाते हैं कि न मोदी न अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने न किसी प्रकाशन पर रोक लगाई न प्रतिबंधित किया लेकिन कांग्रेस पार्टी का इतिहास इस तरह की कृत्यों से भरा पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि जिनके घर शीशे के हो वह दूसरों पर पत्थर नहीं उछाला करते। कांग्रेस पार्टी ने एक साल बाद ही संविधान में संशोधन किया और पत्रिकाओं पर प्रतिबंध लगाया आपातकाल तो गला घोंटने के लिए जाना जाता है।

भारतीय भाषाओं में पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल था व रहेगा
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में हम लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। पहले की तुलना में अब 8 गुना एक्सपोर्ट होने लगा है। आने वाले समय में यह बढ़कर 14 से 15 गुना हो जाएगा। रक्षा के साथ ही रक्षा उपकरण खाद्यान्न व परमाणु शक्ति बनने का जो सपना पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी ने देखा था वो साकार हो रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय भाषाओं में पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल था और रहेगा। इसका महत्व बढ़ने वाला है। देश औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। भारत की बात भारतीय भाषाओं में हो रही है। प्रधानमंत्री इसे लेकर खुद और अन्य मंत्री वैश्विक मंच पर भारत की बात भारतीय भाषाओं में रख रहे हैं।

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