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मध्यप्रदेश

प्रखर, जुझारू और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले नेता श्रद्धेय स्व. शरद यादव – मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल : मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित पुराने विमानतल पर समाजवादी विचारों के पुरोधा पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रद्धेय स्व.  शरद यादव के पार्थिव शरीर के दर्शन कर पुष्प-चक्र अर्पित किया और श्रद्धांजलि दी। शोकाकुल परिजन को ढांढस भी बंधाया। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि श्रद्धेय स्व.  यादव का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम आँखमऊ, माखन नगर (बाबई), नर्मदापुरम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  चौहान ने पुराने विमानतल पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि स्व.  यादव मध्यप्रदेश के सपूत थे, वे अचानक चले गए, मेरे तो वे पड़ोसी थे। बचपन से ही प्रखर, जुझारू और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले स्व.  शरद जी ने समाज के कमजोर वर्ग, विशेषकर पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय राजनीति में छाने वाले स्व.  यादव जी, जे.पी. आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। अस्सी-नब्बे के दशक में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदली, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करवाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। वे ऐसे नेता थे जो गलत का विरोध करते थे, उन्होंने नैतिकता की राजनीति की। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री  इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और संसद का कार्यकाल पाँच से बढ़ा कर छह वर्ष किया, तब स्व.  शरद जी ने संसद की सदस्यता से यह कह कर इस्तीफा दिया था कि जनता ने उन्हें पाँच साल के लिए चुना था, छह साल के लिए नहीं। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि स्व.  शरद जी एक अद्भुत नेता थे, जो अभी भी देश को बहुत कुछ दे सकते थे।

मुख्यमंत्री  चौहान ने अपनी और प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धेय स्व.  शरद यादव को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिजन, परिचितों तथा अनुयायियों को यह गहन दुख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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