ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
मध्यप्रदेश

प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समापन में भावुक हुए शिवराज

इंदौर : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने अपने संबोधन में प्रवासी भारतीयों से दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगी। सीएम ने कहा कि व्यवस्था में कोई कमी नहीं रह गई, लेकिन पीएम मोदी की लोकप्रियता इतनी है कि हॉल छोटा पड़ गया।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा मन भाव-विभोर है। तीन दिन तक आपका साथ रहा। इंदौर आपसे एक रूप हो गया।

सचमुच में इंदौर ने तैयारी वैसी की, जैसी बेटी की शादी के लिए करते हैं। बेटी की शादी जैसा इंदौर का स्वागत-सत्कार। जब बेटी की बिदाई होती है तो मन में तकलीफ भी होती है। मैं ‘पधारो म्हारे घर’ कार्यक्रम में गया था। वहां ऐसा लगा जैसे दो परिवार नहीं मिले हों बल्कि दो देश जुड़ गए हों। तीन दिन आनंद, उत्सव और उमंग के थे। तीन दिन कैसे कट गए, पता ही नहीं चला। अब मन सोचकर भारी हो रहा है कि आप चले जाओगे। यहीं रह जाओ न। जो बात इस जगह है, वह कही भी नहीं।

शिवराज ने कहा, मैं एक बात और बता दूं। मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट करेंट प्राइसेज पर 19.76 है। देश में सबसे ज्यादा। भारत की जीएसडीपी में हमारा योगदान पहले 3.6% हुआ करता था अब 4.6% है। आज मध्यप्रदेश, हिन्दुस्तान का फूड बास्केट है। गेहूं के उत्पादन में हमने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। मध्यप्रदेश नंबर एक पर पहुंच गया है। एक नहीं अनेकों उपलब्धियां है। मैं विस्तार में नहीं जाऊंगा। लेकिन मध्यप्रदेश अद्भुत राज्य है। खेती के मामले में हमारा बासमती राइज, शरबती गेहूं मध्यप्रदेश की अलग पहचान है।

Related Articles

Back to top button