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मध्यप्रदेश के 52 जिलों में 6 जनवरी को विद्युत कर्मचारियों का जेल भरो आंदोलन।

मध्यप्रदेश के 52 जिलों में अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए है. कर्मचारियों का 6 जनवरी को जेल भरो आंदोलन है. कर्मचारी संगठन आउटसोर्स कर्मी, मीटर रीडर सहित अन्य विद्युत मंडल की कंपनियों में संविलियन कर उनके लिए मानव संसाधन नीति बनाने सहित इन मांगों को लेकर लामबंद हुए है. बताया गया है कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है. उन्होने अब एकजुट होकर आंदोलन करने ऐलान किया है. कर्मचारियों द्वारा 6 जनवरी नियमित कर्मी, संविदा कर्मी, ठेका कर्मी अपने-अपने डीसी कार्यालय, अभियंता कार्यालय के समक्ष एक होकर रैली निकाली जाएगी. इसके साथ ही 52 जिलों में अनिश्चितकालीन जेल भरो आंदोलन करेंगे. मध्यप्रदेश विद्युत तकनीकि कर्मचारी संघ व 4 विद्युत कंपनियों के अन्य संगठन जिसमें बाहृय स्त्रोत कर्मचारी संगठन, मप्र विद्युत अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन व मप्र यूनाइटेड फॉर एम्पलाइज इंजीनियर्स सहित अन्य विद्युत कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की है कि अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी विद्युत अधिकारी, कर्मचारी अपनी मुख्य मांगों को लेकर 6 जनवरी को एक दिन का जेल भरो आंदोलन व 7 जनवरी से सभी जिलों के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समक्ष पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन धरना देगें. संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि विद्युत मंडल तकनीकि कर्मचारी संघ द्वारा तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 2 अक्टूबर 2022 से ज्ञापन व प्रदर्शन शुरु किया गया था. चार संगठनों ने 94 दिनों से विभिन्न चरणों में सरकार तक ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराया है. इसके बाद भी राज्य सरकार द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाए गए है.

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