ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
मध्यप्रदेश

संघ प्रमुख मोहन भागवत महाकाल मंदिर में करेंगे जल स्तंभ का अनावरण

उज्जैन ।    सुजलाम जल महोत्सव के अंतर्गत देश के पहले जल स्तंभ का लोकार्पण शंख व झांझ डमरू की मंगल ध्वनि के साथ होगा। सर संघचालक साधु संतों की मौजूदगी में जल स्तंभ का अनावरण करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डा.मोहन भागवत सुबह महाकाल मंदिर पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे। भगवान महाकाल की पूजा अर्चना के बाद वे परिसर स्थित मार्बल चबूतरे पर चतुर्वेद पारायण स्थल पहुंचेंगे तथा श्री वेद नारायण भगवान की पूजा करेंगे। इसके बाद मंदिर के शहनाई गेट के समीप मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां भस्म रमैया भक्त मंडल के सदस्य झांझ व डमरू तथा बंगाली समाज की महिलाएं शंख की मंगल ध्वनि से संघ प्रमुख का स्वागत करेंगी। कार्यक्रम स्थल पर चार मंच बनाए गए हैं। एक मंच पर संघ प्रमुख बैठेंगे। दूसरे मंच पर शहर के प्रमुख साधु, संत व मंडलेश्वर विराजित होंगे। तीसरे मंच से बेदपाठी बटुक स्वस्तिवाचन व मंगलाचरण करेंगे। चौथे मंच से कार्यक्रम का संचालन होगा। कार्यक्रम में करीब 350 आमंत्रित अतिथियों को प्रवेश दिया जाएगा।

60 किलो चांदी से किया जल स्तंभ का निर्माण

महाकाल के आंगन में जल स्तंभ का निर्माण 60 किलो चांदी से किया गया है। इस पर चार वेद में जल तत्व का महत्व बताती चार ऋचाओं का अंकन है। प्रत्येक ऋचा के साथ हिन्दी में उसका अनुवाद भी उत्कीर्ण किया गया है। जल कुंड के मध्य में जल स्तंभ प्रतिष्ठित हैं। इसके चारों ओर रंगबिरंगी लाइटिंग भी लगाई गई है। देश व दुनिया को जल का महत्व बताने के लिए जल स्तंभ स्थापित किया गया है।

Related Articles

Back to top button