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उत्तरप्रदेश

​​​​पेटीएम वॉलेट बैंक एक्टिवेटेड थे सिम, गिरोह के सदस्यों की तलाश

लखनऊ: साइबर टीम अरबाज की सूचना के आधार पर उसके गिरोह के सदस्यों के विषय में जानकारी जुटा रही है।लखनऊ साइबर थाना पुलिस ने पेटीएम वालेट बैंक एक्टिवेटेड सिम को साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कैपवेल रोड ठाकुरगंज निवासी अरबाज खान के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। इस गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं।साइबर अपराधियों को बेचता था सिम, इंदिरानगर में बनाया था ठिकानासाइबर क्राइम इंस्पेक्टर मो. मुस्लिम खा ने बताया कि गिरफ्तार अरबाज खान पश्चिम बंगाल, झारखंड समेत अन्य प्रदेशों में पेटीएम वालेट बैंक एक्टिवेटेड सिम कार्ड को साइबर अपराधियों को बेचता था।आरोपी एफएम रेजीडेंसी, इंदिरा नगर में छिपकर रह रहा था। टीम को पिछले दिनों सीतापुर और लखीमपुर जिलों से फर्जी केवाईसी के जरिए सिम कार्ड पर पेटीएम वालेट एक्टिव कर साइबर अपराध में इस्तेमाल करने की सूचना मिल रही थी।जिसके बाद सर्विलांस की मदद से खोजबीन के बाद अरबाज को पकड़ा गया। इन लोगों ने मुख्य आरक्षी अजय प्रताप सिंह का भी 1.58 लाख रुपया अलग अलग वालेट में स्थानांतरित किए थे।एप से नंबरों का डाटा निकालते थे साइबर ठगपुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अरबाज ने बताया कि वह स्मार्ट कनेक्ट ऐप के माध्यम से उपलब्ध वोडाफोन नंबर का डाटा प्राप्त करता था। डाटा मिलने पर इन मोबाइल नंबरों को पेटीएम ऐप पर डालकर चेक किया जाता था कि उसपर पेटीएम वालेट है या नहीं।गिरोह जिन मोबाइल नंबरों पर पुराना पेटीएम वालेट होता था उनका सिम एक्टीवेट करा लेते थे। इसके बाद इलेक्ट्रानिक डाटा में छेडछाड़ कर फर्जीवाड़ा करते थे। आरोपी पश्चिम बंगाल, वीरभूमि, जामताड़ा, झारखंड व अन्य प्रदेशों में साइबर अपराधियों को सिम कार्ड भी बेचते थे।बैंक खाते जुड़ें नंबर पता कर करते थे ठगीसाइबर टीम के मुताबिक यह गिरोह पेटीएम वालेट, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों में लगाए गए मोबाइल नंबरों का पता लगाते हैं।इसके बाद इन मोबाइल नंबरों के सिम डुप्लीकेट सिम जारी कराते है। फिर खाते से पैसा निकाल लेते हैं। जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने सिमों की केवाईसी लखीमपुर खीरी से कराई थी।इसके बाद लहरपुर सीतापुर में पेटीएम वालेट एक्टिवेट किए गए थे और सैकड़ों सिम कार्ड पर फुल केवाईसी पेटीएम दोबारा एक्टिवेट किए गए। इसके बाद उन पेटीएम वालेट में एटीएम डिस्पैच कम्यूनिकेशन एड्रेस बदलकर उसे पश्चिम बंगाल में डिस्पैच करा दिया गया था।मकान होने के बाद भी किराए पर रहता था आरोपीआरोपी अरबाज का ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में अपना खुद का मकान है। इसके बाद भी वह एफएम रेजीडेंसी इंदिरा नगर में किराये पर कमरा लेकर छिपकर रह रहा था। जहां से इस पूरे खेल को चला रहा था।पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे गिरोह के विषय में जानकारी जुटा रही है। जिससे गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तारी कर सके।

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