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भिंड देहात पुलिस ने 18 माह पुराने चर्चित सीता बघेल हत्याकांड का किया खुलासा प्रेमी ने उसी के गांव के लड़के के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम हत्या से पहले किया था दुष्कर्म।

भिंड, दिनांक 24.01.23 को फरियादी कैलाशचन्द्र बघेल ने रिपोर्ट किया कि मैं अपने टेड़ा वाले खेत पर पानी देने हेतु लेजम विछा रहा था, समय करीबन साढे चार बजे का होगा, अशोक सिंह भदौरिया के सरसों वाले खेत से जोर जोर की चिल्लाने की आवाज आई, कि कैलाश इघर आ जाओ, मैं दौड़ कर अशोक सिंह के खेत पर गया जहां सरसों में कई लोग थे, सरसों के खेत में मेरी भतीजी सीता मरी पड़ी मिली, उसके गले में उसके दुपट्टा से फांसी लगी थी, दुपट्टा गले में बंधा था। उक्त घटना प्रथम दृष्टया हत्या का पाये जाने से थाना देहात में अपराध कं0 40/2023 धारा 302, 201 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया उक्त घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भिण्ड डॉ० असित यादव एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री संजीव पाठक के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया तथा नगर पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री अरूण कुमार स्वयं थाना प्रभारी देहात के साथ अज्ञात आरोपीगणों की तलाश में जुट गये। पुलिस द्वारा घटना स्थल के आसपास एवं मृतिका के सम्पर्क में रहने वालों से जानकारी एकत्रित की गयी तथा आधुनिक तकनीकि साक्ष्य के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस द्वारा घटना में कड़ी से कड़ी मिलाकर, मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया। बढी मशक्क्त के बाद आरोपीगणों को दिनांक 14.06.24 को गिरफ्तार कर लिया गया, आरोपी के कब्जे से मृतिका सीता बघेल का स्कूल का आईडी कार्ड जप्त किया गया है। मृतिका सीता बघेल की एफएसएल रिपोर्ट में मानव शुकाणु पाये जाने से प्रकरण में धारा 376 भादवि 3/4 पाक्सो इजाफा की गयी। भिण्ड पुलिस की टीम द्वारा डेढ वर्ष बाद शातिर व चालाक दोनों आरोपीगणों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्राम कोहार मेहगांव के गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि मेरे गांव कोहार की रहने वाली एक महिला ने ग्राम भुजपुरा रोड स्थित भारत गैस ऐजेंसी के पास में चार पांच साल पहले प्लाट ले लिया था जहां पर उसने अपना मकान बना लिया था मैं अक्सर उस महिला के यहां पर आता जाता रहता था। वहीं पर आते जाते मेरी दोस्ती ग्राम उदोतपुरा की रहने वाली सीता बघेल से हो गयी थी। मैं सीता बघेल से प्यार करता था। हम लोग अक्सर अकेले में मिलते थे हम दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध भी बने थे। मैं जब भिण्ड से बाहर मजदूरी करने जाता था तो शिवानी के तौर पर मैंने सीता बघेल का स्कूल का आई कार्ड अपने पास ले रखा था बार-बार सीता बघेल के गांव में आने जाने से मेरी दोस्ती ग्राम उदोतपुरा के रहने वाले एक व्यक्ति से हो गई थी वो ही मुझे अक्सर सीता बघेल के बारे में जानकारी देता था एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि सीता बघेल गांव के अन्य लडकों के साथ भी दोस्ती किये हुए है और वह उन लोगों के साथ घूमने फिरने भी जाती है। इस बात पर मुझे काफी गुस्सा आया और मैंने सीता बघेल को जान से मारने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत दिनांक 24.01.23 को मैंने अपने दोस्त के जरिये सीता बघेल को गांव के बाहर अशोक भदौरिया के सरसों के खेत में मिलने के लिये बुलाया। दोपहर करीब एक-डेढ बजे सीता बघेल लेट्रिन करने के बहाने से सरसों के खेत पर आई और मैंने अपने दोस्त से कहा कि तुम जरा नजर रखना हम लोग खेत में अंदर जा रहे है इसके बाद मेने सीता बघेल के साथ दुष्कर्म किया कुछ देर वाद मेरा दोस्त भी वहीं पर आ गया उसने मुझसे कहा मुझे भी गलत काम करना है लेकिन सीता बघेल ने मना किया तो मेरे दोस्त ने निरोध लगाकर जबरजस्ती गलत काम किया उसके वाद सीता जोर-जोर से रोने लगी और कहने लगी कि मैं घर पर सारी बात बता दूंगी तो हम दोनों डर गये फिर मैंने उसका मुंह दबाया और मेरे दोस्त ने उसके पैर पकडे फिर सीता के दुप्पट्टे से ही मैंने सीता बघेल का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के वाद हम दोनों वहां से भाग गये। किसी को हम पर शक न हो इसलिये मैं अपने मित्र से काफी समय तक एक दूसरे से नहीं मिले और ना ही मैं अपने गांव की रहने वाली महिला जो भुजपुरा में रहती है उसके घर गया। सराहनीय भूमिका- उक्त सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी देहात निरी० मुकेश शाक्य, उनि विजय शिवहरे, उनि नागेश शर्मा, उनि रविन्द्र मांझी, सउनि अब्दुल शमीम, प्रआर सोनेन्द्र सिंह, गुरुदास सोही, धीरेन्द्र भदौरिया, हरवीर गुर्जर, दिनेश अवस्थी, आरक्षक बृजनन्दन सिकरवार, रवि यादव, सन्दीप राजावत, सुभाष तोमर ज्ञानेन्द्र मिश्रा, विष्णु तोमर, भूपेन्द्र राजावत, अनिल जाट, अतुल पाण्डेय, देवेन्द्र शर्मा, बृजेश लाखरे, दीपक जादौन, महेन्द्र यादव, आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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