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मध्यप्रदेश

इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर झिरी के पास उखड़ा बस का पिछला हिस्सा, नीचे गिरे यात्री

बुरहानपुर। इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे में बुधवार शाम चार बजे के आसपास फिर एक तेज रफ्तार यात्री बस दुर्घटना का शिकार हो गई। इंदौर से बुरहानपुर आ रही मां शारदा बस क्रमांक एमपी 09 पीए 0899 का पिछला हिस्सा झिरी के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर ट्राली एमपी 68 ए 3116 से टकरा गई।

जिससे बस का पिछला हिस्सा उखड़ कर अलग हो गया और वहां बैठे आठ से दस यात्री बस से नीचे जा गिरे। गनीमत थी कि किसी को ज्यादा चोट नहीं आई।

दुर्घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गई। शोर सुन कर आसपास के ग्रामीण दौड़ै और घायलों को बाहर निकाल कर पुलिस को सूचना दी। निंबोला पुलिस और डायल 100 ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद यात्री चले गए।

इंदौर निवासी चंद्रिका गुलाब और खजराना निवासी रामू जयराम को थोड़ी ज्यादा चोट थी। बावजूद इसके वे अस्पताल से चले गए। घायल यात्रियों का कहना था कि चालक बस को तेज और लापरवाही के साथ चला रहा था। निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले ने बताया कि बस को जब्त कर लिया गया है। चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।

जानकारी के मुताबिक दुर्घटना का शिकार हुई बस में चालीस यात्री सवार थे। अचानक ब्रेक लगाने से अधिकांश यात्रियों के सिर टकराने से चोट आई है। बताया गया है कि तेज रफ्तार बस के चालक ने सामने चल रहे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया।

इसी दौरान सामने से दूसरी बस आ जाने पर उसने बस को सड़क से नीचे उतार दिया। जिसके चलते वह किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। बस के पिछले हिस्से की हालत जिसने भी देखी, उसने यही कहा कि ईश्वर ने यात्रियों को बचा लिया।

परिवहन विभाग नहीं करता जांच और कार्रवाई

जिले से संचालित हो रहीं खटारा और पुरानी बसों की जांच में परिवहन विभाग के अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। बीते दिनों धार जिले में एक बस हादसे के बाद सरकार ने विभागीय अफसरों को ऐसी खटारा बसों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

लेकिन अफसरों ने एक दिन जांच की औपचारिकता निभा अभियान बंद कर दिया। यही वजह है कि जिले में धड़ल्ले से ऐसी बसों का संचालन हो रहा है। बसों की गति पर भी कोई नियंत्रण नहीं हैं। अधिकांश बसों के इमरजेंसी गेट बंद कर सीटें लगा दी गई हैं, लेकिन कार्रवाई एक पर भी सामने नहीं आई है।

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