ब्रेकिंग
भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय
धार्मिक

घर में जूते-चप्पल ले जाना पड़ सकता है भारी, पढ़ें बाहर उतारने के कारण

इंदौर। भारतीय संस्कृति में घर के अंदर जूत-चप्पल पहनकर जाना सही नहीं माना जाता है। ऐसे में लोग घर के बाहर ही जूते-चप्पल उतार देते हैं। इसके पीछे लोगों का तर्क यह है कि जूते-चप्पल से घर गंदा हो जाता है। वहीं ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने विस्तार से इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण बताया है।

घर में जूते-चप्पल लेकर क्यों नहीं घुसना चाहिए?

ज्योतिष की मानें तो जूते-चप्पल का संबंध शनिदेव से माना जाता है। ऐसे में इनको पहनकर घर के अंदर जाना शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि घर में शनिदेव का आना शुभ नहीं मानते हैं। घर से जाते शनिदेव को शुभ माना जाता है। घर से जाते समय शनिदेव सब विपदाएं अने साथ ले जाते हैं।

ज्योतिष में एक और कारण बताया गया है कि हम बाहर से अपने साथ कई तरह की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाएं साथ लेकर आते हैं। ऐसे में चप्पल पहनकर अंदर जाने से यह ऊर्जा घर के अंदर चली जाता हैं। ऐसे में इनको रोकना का सबसे आसान तरीका यह है कि आप जूते चप्पल बाहर ही उतार दें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button