ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
धार्मिक

नए साल का पहला मृत्यु पंचक इस तारीख को, भूलकर भी न करें ये काम

इंदौर। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कई कार्य ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार किए जाते हैं। इस स्थिति पर शुभ व अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। पंचांग में हर महीने के पांच दिन अशुभ माने जाते हैं। इन 5 दिनों को पंचक कहा जाता है। पंचक काल का प्रभाव बुरा होता है। जनवरी महीने में ही मृत्यु पंचक लगेगा।

मृत्यु पंचक को बहुत खतरनाक माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्य नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं साल 2024 के पहले महीने में मृत्यु पंचक कब से शुरू होगा। इसका प्रभाव कितने समय तक रहेगा।

मृत्यु पंचक 2024 कब है?

साल का पहला मृत्यु पंचक 13 जनवरी को रात्रि 11.35 मिनट से शुरू होगा। इसका समापन 18 जनवरी 2024 को सुबह 03.33 मिनट पर होगा। यह साल 2024 का पहला पंचक होगा।

क्या है पंचक?

पंचक वह ग्रह स्थिति है। जिसमें चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में भ्रमण करता है। चंद्र को इन नक्षत्रों से गुजरने में 5 दिन लगते हैं। हर 27 दिन में पंचक होता है।

मृत्यु पंचक को क्यों माना जाता है अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक कार के दौरान किसी की मृत्यु को अशुभ माना जाता है। पंचक काल में देहांत होने पर परिवार में 5 लोगों की मृत्यु का भय रहता है। अगर मृत्यु पंचक काल में किसी का निधन हो जाता है तो उसे शव का दाह संस्कार करने के साथ कुशा की पांच मूर्तियां बनाकर अंतिम संस्कार किया जाता है। इससे पंचक के अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।

मृत्यु पंचक में भूलकर भी ये काम न करें?

मृत्यु पंचक के दौरान शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इन पांच दिनों में जोखिम भरा काम न करें। इसके प्रभाव से विवाद और दुर्घटना का खतरा रहता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button