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मध्यप्रदेश

गुना में निकाले गए चल समारोह; जगह-जगह हुआ जुलूस का स्वागत

गुना: शहर सहित जिलेभर में जुलूस निकाल गए।जिले में बाल्मीकि समाज के आराध्य देव, महर्षि वाल्मीकि की जयंती का चल समारोह निकाला गया। चल समारोह मथुरानगर से शुरू होकर शहर की प्रमुख सड़कों से होता हुआ स्टेशन रोड पहुंचा, जहां पर जयंती के समस्त कार्यक्रम संपन्न कराए गए। प्रत्येक वर्ष अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाती है। पूरे भारत में महर्षि वाल्मीकि की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।पूर्व पार्षद सुनील मालवीय ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि के द्वारा ही हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण महाकाव्य रामायण की रचना की गई थी। वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखी गई रामायण को सबसे प्राचीन माना जाता है। जिले शहर में भगवान बाल्मीकि की धूम-धाम से यात्रा निकाली गई। इसमे भक्तों के द्वारा बैंड बाजो के साथ झमते नाचते हुए नजर आए। भगवान बाल्मीकि द्वारा रामायण महाकाव्य की रचना की गई थी, जिसमें उनके द्वारा भगवान श्रीराम के बाल्यकाल से लेकर बैकुंठ धाम तक का सम्पूर्ण उन्होंने अपने इस महाकाव्य में दिया था।उधर मधुसूदनगढ़ में बाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा बाल्मिक जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान बाल्मिक जयंती का चल समारोह गुना रोड रेस्ट हाउस से शुरू हुआ। जुलूस मुख्य बाजार से होते हुए गुजरा। बाल्मीकि जयंती के अवसर पर बाल्मिक समाज के लोग भी बड़ी संख्या में चल समारोह में उपस्थित रहे।

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