ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मध्यप्रदेश

डीएवीवी इंदौर के बीएड चौथे सेमेस्टर की कापियों को जांचने के लिए बनेंगी पैनल

इंदौर। बीएड चौथे सेमेस्टर में फेल विद्यार्थियों के हंगामा करने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने पैनल से कापियां जांचने का विचार किया है। अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पैनल बनाकर मूल्यांकन करवाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी तय किया है कि दस जनवरी तक पैनल अपनी रिपोर्ट देंगी। उसके आधार पर रिजल्ट में संशोधन किया जाएगा। वैसे अधिका़रियों के मुताबिक रिपोर्ट बाद विद्यार्थियों को रिव्यू में आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

बीएड चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट 14 दिसंबर को जारी हुआ। महज 22 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है। शेष छात्र-छात्राओं को एटीकेटी आई है। अधिकांश विद्यार्थी एजुकेशन टेक्नोलाजी एड आइसीटी और क्रिएटिव एन इनक्लूसिव स्कूल विषय में फेल हुए है। अधिकारियों के मुताबिक रिजल्ट जारी होने से पहले ही कापियों का रिव्यू करवा लिया था। दो सप्ताह बाद विद्यार्थी प्रदर्शन करने पहुंचे।

दो घंटे तक धरना देने के बाद विश्वविद्यालय ने एक बार फिर दोनों विषय की कापियां मूल्यांकनकर्ताओं के पैनल से जांचवाने पर जोर दिया है। इसके लिए छह से आठ शिक्षकों को पैनल में रखा जाएगा, जिसमें पांच शिक्षक अन्य विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले कालेजों से लिए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक रिव्यू व विशेष मूल्यांकन में कापियों में दस फीसद अंकों बढ़ने की स्थिति में रिजल्ट में बदलाव किया जाता है। वहीं मूल्यांकनकर्ताओं के मुताबिक विद्यार्थियों ने कापियों ने प्रश्न से संबंधित जवाब नहीं मिले है। यह बात विद्यार्थी मानने को तैयार नहीं है। वे बेवजह का दवाब बना रहे है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि पैनल से कापियां जांचने के बाद रिजल्ट में संशोधन किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button