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मध्यप्रदेश

पहली नौकरी छोड़ी, 15 दिन पहले दूसरी का आया था कॉल लेटर, अब डिप्टी कलेक्टर बने भिंड के अनुपम शर्मा

भिंड। मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने वर्ष 2019 राज्य सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस चयन सूची में भिंड के अनुपम शर्मा का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। अनुपम ने यह तीसरी प्रतियोगी परीक्षा पास की है। इससे पहले फारेस्ट रेंजर के लिए चयन हुआ था। इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर आफ एजुकेशन के लिए चयनित हुए। अब यह तीसरा परिणाम आया जिसमें डिप्टी कलेक्टर के लिए चयन हुआ है। वहीं भिंड के उज्जवल यादव ट्रेजरी आफिसर एवं शिवम यादव का कापरेटिव इंजीनियर के पद पर चयन हुआ है।

अनुपम के पिता विष्णु विहारी शर्मा फौज से सेवा निवृत्त होने के बाद शिक्षक बने। 30 नवंबर को सेवा निवृत्त हो चुके हैं। बड़े भाई पंचायत जयदीप शर्मा सचिव हैं। वहीं मां राजेंद्री देवी गृहिणी हैं।

ऐसे की परीक्षा की तैयारी

परीक्षा की तैयारी को लेकर अनुपम शर्मा ने कोचिंग या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। सेल्फ स्टडी से ही एमपीपीएससी की प्रतियोगी परीक्षा में चयनित हुए हैं। अनुपम शर्मा ने बताया कि स्कूल टाइम से लेकर एमपीपीएससी की तैयारी में कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। बुक्स से स्वयं के नोट्स तैयार किए और पढ़ाई करके तैयारी की। अनुपम शर्मा ने केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई की है।

अनुपम का कहना है कि स्कूल में बेहतर पढ़ाई होने की वजह से कभी कोचिंग-ट्यूशन की जरूरत महसूस नहीं हुई। 12वीं में 96 फीसद अंक लेकर वह स्कूल टापर रहे। इसके बाद बीटेक इंदौर शहर के एसजीएस आइटीएस कालेज से किया है। इसके बाद एमपी पीएससी की तैयारी घर पर रहकर की।

फोरेस्ट रेंजर फिर शिक्षा विभाग और अब डिप्टी कलेक्टर

वर्ष 2018 में एमपीपीएससी की परीक्षा पास की थी। जिसमें फोरेस्ट रेंजर के लिए चयन हुआ था। अनुपम ने बताया, मैंने यह नौकरी ड्राप कर दी थी। दूसरी बार 2020 में असिस्टेंट डायरेक्टर आफ एजुकेशन के लिए चयन हुआ था। अनुपम ने बताया करीब पंद्रह दिन पहले ट्रेनिंग के लिए काल लेटर आया। मैं इन दिनों भोपाल में ट्रेनिंग कर रहा हूं।

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