ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
देश

सीएम ममता बनर्जी बोली- कलह के बीज बोने की कोशिश करने वाले कभी सफल नहीं होंगे

 मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच ‘‘गहरे संबंधों” को रेखांकित करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनके बीच ‘‘कलह के बीज बोने की कोशिश” करने वाले सफल नहीं होंगे। बनर्जी ने विभिन्न विकास पहल की घोषणा के दौरान कुर्सियांग में एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उत्तर बंगाल के लिए 24,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और दार्जिलिंग तथा कलिम्पोंग जिलों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र स्थापित करेगी।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘‘हमारे मैदानी और पहाड़ी इलाकों के लोगों के बीच खून के रिश्ते हैं। यह एक शांतिपूर्ण जगह है… कुछ तत्व चुनाव से पहले आते हैं और हमारे बीच कलह के बीज बोने की कोशिश करते हैं। उन पर ध्यान न दें, पहाड़ के लोग उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पहाड़ी क्षेत्रों के हमारे बच्चों और युवाओं को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि दार्जिलिंग, कुर्सियांग और कलिम्पोंग में आईटी और शिक्षा केंद्र तथा अन्य परियोजनाओं से सभी के लिए अवसर पैदा होंगे।”

बनर्जी ममता ने उद्योगपतियों से पहाड़ी क्षेत्रों में आकर निवेश करने का भी आह्वान किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस शासन के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की गति जारी रखने के वास्ते गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के लिए 75 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगों को ‘पट्टा’ देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जो वर्षों से भूमि के एक विशेष टुकड़े पर रह रहे हैं।

Related Articles

Back to top button