ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
मध्यप्रदेश

इंदौर जिले की सभी ग्राम पंचायत में खुली राशन दुकानें महिला समूह करेंगे संचालन

 इंदौर। इंदौर जिला प्रदेश के उन जिलों में शामिल हो गया, जिसकी सभी ग्राम पंचायत में उचित मूल्य की दुकानें संचालित की जा रही है। अभियान चला कर उचित मूल्य दुकान विहीन 144 ग्राम पंचायत में नई उचित मूल्य आसान दुकान खोली गई है। इन दुकानों का संचालन चयनित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जाएगा।

इंदौर जिले की ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों को अब राशन के लिए दूरदराज के गांव तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्रामीणों की सुविधा के लिए सभी ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान खोली गई है। जिले में 144 ग्राम पंचायतों में उचित मूल्य की दुकान नहीं थी। इन दुकानों के संचालन का दायित्व महिला स्व सहायता समूह को सौंपा गया है। इन समूह की महिलाओं द्वारा राशन दुकानों का संचालन किया जाएगा।

ग्राम पंचायतों के हजारों हितग्राहियों को अब दूर राशन लेने नहीं जाना पड़ेगा। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर खोली गई नवीन उचित मूल्य दुकान से ही राशन स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक प्राप्त हो सकेगा।कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिला स्वसहायता समूहों को दुकान संचालन में कोई कठिनाई न हो यह सुनिश्चित करें।

जिन स्वसहायता समूहों द्वारा दुकान का संचालन प्रारंभ नहीं किया है, उन्हें पीओएस मशीन उपलब्ध कराकर अगस्त माह से ही राशन वितरण प्रारंभ कराया जाए। स्वसहायता समूहों को दुकान संचालन के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की भी कार्यवाही की जाये।

महिलाए बनेंगी आत्मनिर्भर

ग्राम पंचायत की दुकानों का संचालन महिलाओं को मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी। दुकान संचालक से प्राप्त होने वाली आजीविका से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार द्वारा जिले में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा हैं। महिलाएं समूह से जुड़कर कई तरह के कार्य कर रही हैं। जिले में 50 हजार से अधिक महिलाएं समूह से जुड़ चुकी हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 4200 से ज्यादा समूह कार्यरत है।

Related Articles

Back to top button