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मध्यप्रदेश

कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सफाई और अन्य व्यवस्थाएं ठप

राजगढ़। नगर पालिका और नगर परिषद कर्मचारी महासंघ और सफाई कर्मचारियों कीअनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले के 11 नगरीय निकाय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पेयजल सप्लाई और कार्यालयीन कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।

पूर्व में सौंप चुके हैं ज्ञापन

बता दे कि अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन की 18 सूत्रीय मांगों और मप्र नगर पालिका एवं कर्मचारी महासंघ की 11 सूत्रीय मांगों सहित संयुक्त लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों द्वारा पूर्व में ज्ञापन भी सौंपे गए थे, लेकिन जब समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो सोमवार को जिले की 11 निकायों के सफाई कर्मचारियों और कार्यालयों में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी, मस्टकर्मी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया।

सार्वजनिक स्थलों पर लगे कचरे के ढेर

सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने के साथ ही उन्होंने सोमवार सुबह से ही शहरों की साफ-सफाई बंद कर दी। कर्मचारियों द्वारा सफाई नहीं करने के कारण सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, गलियों में कचरे के ढेर लगे रहे। जगह-जगह कचरा और गंदगी पसरी रही। जिसके कारण पूरे दिन शहरों में कचरा उड़ता रहा। इसके अलावा कचरा वाहन पूरी तरह से बंद रहने के कारण शहरी क्षेत्रों में घरों का सूखा-गीला कचरा उठाने के लिए वाहन मोहल्लों और कालोनियों में नहीं पहुंचे।

पेयजल सप्लाई नहीं

कार्यालयीन कर्मचारियों के भी हड़ताल पर जाने का सबसे अधिक असर पेयजल सप्लाई पर हुआ है। इन कर्मचारियों द्वारा काम बंद करने के कारण सुठालिया, नरसिंहगढ़ सहित अधिकांश शहरों में पेयजल सप्लाई नहीं हो सका।

कार्यालयीन कामकाज भी हुआ बाधित

कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण स्ट्रीट लाइट, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन, लाडली बहना योजना, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य टेबल वर्क से जुड़े कामकाज बाधित रहे। ऐसे में इन कार्यों के लिए नगरीय निकायों में पहुंचने वाले हितेग्राहियों को बैरंग ही लौटना पड़ा।

यह है मांगे

सफाई कर्मचारियों ने 2005 की पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने, निकायों में सफाई की ठेका प्रथा को समाप्त करने समेत अन्‍य मांगे की है। वहीं कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों को 1 से 5 तारीख के बीच वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने समेत अन्‍य मांगे की है।

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