ब्रेकिंग
खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी आरक्षण, गरीबी और उपेक्षा: हाशिए पर खड़ा सवर्ण समाज कब तक सहेगा चुप्पी का दर्द : महिपाल मकवाना ग्वालियर यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने ढाया कहर, ऑटो मे मारी टक्कर ऑटो पलटने से तीन... भोपाल एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, भोपाल अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में विशेष अभियान लापरवाही पर अफसरों की होगी जवाबदेही तय मुरैना: एसपी धर्मराज मीना की मानवीय पहल, बीमार मां के इलाज के लिए दिए ₹1 लाख सरकारी योजनाओं पर लग रहा पलीता: धरातल पर दम तोड़ रही जनहितैषी नीतियां
मध्यप्रदेश

मप्र के तीन मेडिकल कालेजों में कैंसर की सिकाई के लिए मशीन लगाने की प्रक्रिया फिर अधर में

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्‍य प्रदेश के तीन मेडिकल कालेजों में कैंसर की स‍िकाई के लिए पीपीपी से अत्याधुनिक सुविधा वाली लिनियर एक्सीलरेटर (लीनैक) मशीन लगाने की प्रक्रिया फिर लटक गई है। निविदा प्रक्रिया में शामिल हुई दोनों कंपनियाें द्वारा दिए गए प्रस्ताव तय मापदंड के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज कर दिया गया है।

सरकार खुद मशीनें लगाने की तैयारी कर रही

अब नए सिरे से फिर निविदा करने की जगह सरकार खुद मशीनें लगाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि रीवा,भोपाल और सागर मेडिकल कालेज में पीपीपी से मशीन लगाने की तैयारी तीन वर्ष से चल रही है।

14 सरकारी मेडिकल कालेजों में होगी सुविधा

इसके अलावा जबलपुर और ग्वालियर में बनाए जा रहे सरकारी कैंसर अस्पताल में सरकार खुद अपने स्तर पर मशीन लगाने का निर्णय ले चुकी है। इस तरह प्रदेश के 14 सरकारी मेडिकल कालेजों में पांच में यह सुविधा हो जाएगी।

किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी यह सुविधा नहीं

प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी यह सुविधा नहीं है। कैंसर रोगियों को सेकाई (रेडियोथेरेपी) के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।

कैंसर की स‍िकाई के लिए अत्याधुनिक सुविधा

सभी तरह के कैंसर की स‍िकाई के लिए यह अत्याधुनिक सुविधा है। इसमें कैंसर की कोशिकाओं के अलावा दूसरी कोशिकाओं को नुकसान नहीं के बराबर होता है। कैंसर कोशिकाओं पर इसका असर अन्य मशीनों से रेडियोथेरेपी की तुलना में अधिक रहता है।

निजी अस्पतालों में 60 हजार रुपए तक खर्च होते हैं

गांधी मेडिकल कालेज के रेडियोथेरेपी विभाग के एक प्राध्यापक ने बताया कि लिनियर एक्सीलरेटर से निजी अस्पतालों में सेकाई कराने पर कम से कम 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च होते हैं। यह सुविधा शुरू होने से आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को भी फायदा मिलेगा।

Related Articles

Back to top button